
ठाणे (दिनेश चंद्र रावल)। ठाणे जिला प्रशासन प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क और तैयार है। जिला कलेक्टर एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल के मार्गदर्शन में 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक जिले में ‘फैमिलियराइज़ेशन एक्सरसाइज़ प्रोग्राम’ आयोजित किया जा रहा है। इस विशेष अभियान को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल के सहयोग से लागू किया जा रहा है, जिससे जिले की आपदा प्रबंधन क्षमता को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत NDRF और SDRF के 25 अनुभवी अधिकारी और कर्मचारी ठाणे जिले में पहुंचे हैं, जिनमें 1 गजेटेड अधिकारी, 2 सेकेंडरी अधिकारी और 22 अन्य कर्मचारी शामिल हैं। यह टीम विभिन्न शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को प्रशिक्षण देगी। रेजिडेंट डिप्टी कलेक्टर एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. संदीप माने ने इस कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए सभी विभागों को विस्तृत निर्देश दिए हैं, जबकि जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी डॉ. अनीता जवांजल के साथ सभी प्रांताधिकारी और तहसीलदार इसमें सक्रिय रूप से भाग लेंगे। इस प्रशिक्षण में सरकारी अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय स्वयंसेवक, सिविल डिफेंस, पुलिस विभाग और ‘आपदा मित्र-सखी’ समूहों को भी शामिल किया गया है, ताकि जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले लोगों को तकनीकी और व्यावहारिक ज्ञान मिल सके। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलने वाले प्रत्येक सत्र में लगभग 200 प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम के तहत 2 अप्रैल को नवी मुंबई, 4 अप्रैल को उल्हासनगर, 6 अप्रैल को ठाणे, 7 अप्रैल को मीरा-भायंदर, 8 अप्रैल को भिवंडी, 9 अप्रैल को शहापुर, 10 अप्रैल को कल्याण-डोंबिवली, 13 अप्रैल को मुरबाद और 15 अप्रैल को अंबरनाथ में प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। इस पहल के माध्यम से स्थानीय प्रशासन को NDRF जैसी विशेषज्ञ एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करने, आधुनिक उपकरणों का उपयोग करने और आपदा के समय त्वरित व प्रभावी बचाव कार्य करने की व्यावहारिक जानकारी मिलेगी। ठाणे जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की यह पहल न केवल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि नागरिकों में भी भरोसे का माहौल पैदा करेगी।




