
इंद्र यादव
मुंबई। ठाणे शहर पुलिस की अपराध शाखा (यूनिट-1) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शातिर चोर को गिरफ्तार कर मुंब्रा और आसपास के क्षेत्रों में हुई सिलसिलेवार सेंधमारी की वारदातों का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से करीब 1 करोड़ 39 लाख रुपये मूल्य के 1.03 किलोग्राम सोने के गहने बरामद किए हैं। इस गिरफ्तारी के साथ ही मुंब्रा और आसपास के इलाकों में हुई 48 चोरी की घटनाओं का खुलासा हो गया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान शिवाजी गोपाल संते (31) के रूप में हुई है, जो टिटवाला पूर्व के कल्याण इलाके का निवासी है। आरोपी पिछले करीब तीन वर्षों से मुंब्रा और दिवा क्षेत्र में बंद घरों को निशाना बनाकर चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।
चोरी का तरीका भी बेहद शातिर
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से चोरी करता था। वह लोहे की रॉड की मदद से बंद घरों के बाथरूम की खिड़की, ग्रिल या मुख्य दरवाजे का कुंडा तोड़कर घर में घुस जाता था। पकड़े जाने से बचने के लिए वह अक्सर सीसीटीवी कैमरों की दिशा के विपरीत चलता था, ताकि उसका चेहरा कैमरे में स्पष्ट दिखाई न दे। साथ ही वह अलग-अलग परिवहन साधनों का उपयोग करता था, जिससे पुलिस को उस पर शक न हो सके।
15 दिन की जांच के बाद गिरफ्तारी
मुंब्रा पुलिस स्टेशन में दर्ज अपराध क्रमांक 228/2026 की जांच के दौरान अपराध शाखा की टीम ने घटनास्थलों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी विश्लेषण किया। करीब 15 दिनों की लगातार निगरानी और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने 2 मार्च 2026 को आरोपी को टिटवाला से गिरफ्तार कर लिया।
1.30 किलो सोना बरामद
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कई चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की। उसके कब्जे से करीब 1 किलो 30 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 1.39 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस के मुताबिक बरामद आभूषण अधिकांशतः मुंब्रा पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में हुई चोरी की घटनाओं से संबंधित हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई आशुतोष डुंबरे (पुलिस आयुक्त, ठाणे), पंजाबराव उगले (अपर पुलिस आयुक्त – अपराध) और अमरसिंह जाधव (पुलिस उपायुक्त) के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सचिन गायकवाड के नेतृत्व में अधिकारी दीपक घुगे, सुनील माने, दीपक जाधव तथा अमलदार संदीप महाडीक, प्रशांत निकुंभ, शब्बीर फरास, प्रशांत लवटे, सागर सुरळकर, अमोल ढावरे, मयूर लोखंडे और दीपाली जाधव की अहम भूमिका रही। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ पहले से ही कल्याण तालुका और उल्हासनगर के सेंट्रल पुलिस स्टेशन में चोरी के चार गंभीर मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी के साथ इस अपराध में कोई और सहयोगी तो शामिल नहीं था और चोरी किए गए सोने को वह कहां खपाता था।




