Wednesday, February 4, 2026
Google search engine
HomeMaharashtraस्वामी सत्यमित्रानंद गिरी सनातन संस्कृति के प्रमुख संवाहक: मुख्यमंत्री फडणवीस

स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी सनातन संस्कृति के प्रमुख संवाहक: मुख्यमंत्री फडणवीस

समाधि मंदिर भावी पीढ़ियों के लिए बनेगा प्रेरणाकेंद्र

हरिद्वार, उत्तराखंड मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि श्री स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी ने सनातन संस्कृति के प्रमुख संवाहक के रूप में जीवनभर कार्य किया, जिसके कारण आज नई पीढ़ी के समक्ष भारतीय संस्कृति की महान परंपरा सशक्त रूप में उपस्थित है। उन्होंने कहा कि स्वामीजी का समाधि मंदिर भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र बनेगा। बुधवार को उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित श्री स्वामी सत्यमित्रानंद गिरीजी महाराज के समाधि मंदिर में श्रीविग्रह मूर्ति स्थापना समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री फडणवीस मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प.पू. जुनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरीजी, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के स्वामी गोविंददेव गिरीजी, पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, सहित अनेक संत-महंत एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि भारतीय संस्कृति की संत परंपरा समाज को एकसूत्र में बांधने का कार्य करती है। स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी ने भारत माता मंदिर की स्थापना के माध्यम से इस परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाई। उन्होंने विश्वभर में फैले सनातन संस्कृति के प्रवाहों को एक मंच पर लाने का ऐतिहासिक कार्य किया। उन्होंने कहा कि स्वामीजी ने अपना संपूर्ण जीवन मानवता की सेवा को समर्पित किया। आपदा और संकट के समय उन्होंने बिना किसी भेदभाव के सेवा कार्य कर सनातन संस्कृति की करुणामयी छवि को सशक्त किया। कई अवसरों पर उन्होंने पद और प्रतिष्ठा का त्याग कर अपने वैश्विक दायित्वों को प्राथमिकता दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विश्व की अनेक प्राचीन संस्कृतियां विलुप्त हो चुकी हैं, लेकिन भारतीय सनातन संस्कृति आज भी अपनी मूल चेतना के साथ जीवित है। सरस्वती सभ्यता के उत्खनन से सनातन विचारों के प्राचीन अस्तित्व को वैज्ञानिक और ऐतिहासिक पुष्टि मिली है। इससे यह सिद्ध होता है कि भारतीय जीवन पद्धति और सनातन संस्कृति समय की हर कसौटी पर खरी उतरती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण को नई गति मिली है। इसके कारण युवा पीढ़ी भी अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ रही है और भारतीय परंपराओं पर गर्व कर रही है। इस सांस्कृतिक पुनरोत्थान में संतों और महंतों का योगदान अमूल्य है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments