
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में कई वर्षों से लंबित स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने अहम आदेश जारी किया। अदालत ने राज्य चुनाव आयोग को इन चुनावों के लिए 31 जनवरी 2026 तक का समय देते हुए स्पष्ट किया कि इस तिथि तक चुनाव कराना अनिवार्य होगा। इस फैसले से राज्य सरकार और चुनाव आयोग दोनों को बड़ी राहत मिली है। दरअसल, राज्य चुनाव आयोग ने कर्मचारियों की कमी, ईवीएम की अनुपलब्धता और त्यौहारों के कारण समय सीमा बढ़ाने की मांग करते हुए शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल की थी। इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आयोग की दलीलों पर गौर कर मोहलत प्रदान की। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में पिछले चार-पांच वर्षों से ओबीसी आरक्षण और अन्य कानूनी अड़चनों की वजह से स्थानीय निकाय चुनाव टलते आ रहे थे। सुप्रीम कोर्ट ने इसी साल 6 मई को हुई सुनवाई में चुनाव आयोग को चार महीने के भीतर चुनाव कराने का आदेश दिया था। इसके बाद आयोग ने वार्डों का पुनर्गठन, आरक्षण तय करने और मतदाता सूची के अद्यतन की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन व्यावहारिक कठिनाइयों का हवाला देते हुए आयोग ने अतिरिक्त समय की गुहार लगाई थी, जिस पर अदालत ने अब 31 जनवरी 2026 तक की अंतिम समय सीमा निर्धारित कर दी है।




