
मुंबई। राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग को अधिक गतिशील, जनोन्मुखी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से, स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने आरोग्य भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में तत्काल स्वास्थ्य नीति पर प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य मंत्री श्री आबिटकर ने की, जिसमें स्वास्थ्य सचिव डॉ. निपुण विनायक, सचिव वीरेंद्र सिंह, आयुक्त अमगोथु श्रीरंगा नायक, निदेशक डॉ. नितिन अंबाडेकर, निदेशक विजय कंडेवाड़, निदेशक डॉ. स्वप्निल लाले, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण से लेकर नीतिगत सुधार तक
बैठक में राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से अनेक निर्णय लिए गए। इनमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत संविदा कर्मचारियों को सरकारी सेवा में सम्मिलित करने एवं उनके मानदेय में वृद्धि के लिए प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश शामिल हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में कर्मचारियों की भागीदारी को लेकर महिला एवं बाल कल्याण विभाग के आदेशों का पालन करने के निर्देश भी दिए। साथ ही, चिकित्सा अधिकारियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने की बात कही गई। उन्होंने कहा कि आठ वर्ष से अधिक सेवा देने वाले अधिकारियों का तबादला प्रशासनिक परामर्श के अनुसार किया जाए, इसके बाद अनुरोधित तबादले संभव हों।
स्वास्थ्य ढांचे को मज़बूत करने की दिशा में कदम
स्वास्थ्य मंत्री ने सुझाव दिया कि एस-23 वेतनमान के अधिकारियों का तबादला उनके कार्य निष्पादन मूल्यांकन (रिपोर्ट कार्ड) के आधार पर किया जाए। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों का अंतर-जिला तबादला 31 मई से पहले करते हुए उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सुविधाजनक ज़िला दिया जाना चाहिए। उन्होंने नर्सिंग क्षेत्र के प्रचार के लिए सेवा प्रवेश नियमों में संशोधन करते हुए 150 दिवसीय कार्यक्रम के एजेंडे के साथ बदलाव लाने का सुझाव भी दिया।
नए कानून संशोधन व बजटीय प्रावधान
श्री आबिटकर ने कहा कि बॉम्बे नर्सिंग होम अधिनियम और अन्य संबंधित कानूनों में संशोधन के लिए एक कानूनी फर्म की नियुक्ति की जाए तथा मानसून सत्र में संशोधन विधेयक पेश किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मेडिकल हेल्प डेस्क कर्मचारियों को प्रोत्साहन भत्ता दिया जाए और आशा कार्यकर्ताओं को आयुष्मान भारत कार्ड जारी करने के लिए 5 रुपये के बदले 20 रुपये की दर से भुगतान किया जाए, जिसके लिए प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने कोल्हापुर, छत्रपति संभाजीनगर और मुंबई में मेडिकल हेल्प डेस्क स्थापित करने के निर्देश भी दिए।
सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए व्यापक योजना और पहल
श्री आबिटकर ने 20 मई 2025 तक सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग को 150 दिवसीय कार्ययोजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने ग्रामीण स्वच्छता एवं स्वास्थ्य अभियान, टीबी मुक्त पंचायत, तंबाकू मुक्त स्कूल अभियान, और 17 कैंसर डे केयर केंद्रों की स्थापना जैसे केंद्रीय योजनाओं को लागू करने पर बल दिया। आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत डॉक्टरों को विशेष सुविधाएं देने के लिए प्रस्ताव तैयार करने तथा एनआईवी की तर्ज पर 44 करोड़ रुपये की लागत से एक नई प्रयोगशाला स्थापित करने हेतु 31 मई तक पूरक मांग प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।
पीएम मेडिसिटी के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया शुरू
पीएम मेडिसिटी कार्यक्रम के अंतर्गत कोल्हापुर या पुणे में 50 एकड़ भूमि की उपलब्धता, और उसके समीप हवाईअड्डे की उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए, भूमि चयन पर विचार करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक के अंत में स्वास्थ्य मंत्री ने सभी विभागीय अधिकारियों से अनुरोध किया कि प्राप्त बजट, पूरक मांगों और 2025-26 के बजट प्रावधानों के अनुसार 31 मई से पहले वित्त विभाग को विस्तृत प्रस्ताव भेजे जाएं।



