
मुंबई। महाराष्ट्र में अवैध रूप से रह रहे और घुसपैठ करने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू हो गई है। गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने विधानसभा में जानकारी दी कि राज्य सरकार और पुलिस विभाग ने अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया है। विधानसभा में संजय उपाध्याय, अतुल भातखलकर, भास्कर जाधव, योगेश सागर, सुनील प्रभु, मनीषा चौधरी, अमित साटम और सुधीर मुनगंटीवार ने इस मुद्दे पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किया था। जवाब में कदम ने बताया कि स्थानीय पुलिस थानों के माध्यम से संदिग्ध नागरिकों की जांच कर कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में, मुंबई पुलिस ने विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर 16 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया, जबकि नालासोपारा क्षेत्र से 13 बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए, जो पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश सीमा से भारत में प्रवेश कर मुंबई में मजदूरी कर रहे थे।
ठाणे, निजामपुरा, मानपाड़ा और कासारवडवली पुलिस थानों की सीमा में बांग्लादेशी नागरिकों को किराए पर मकान दिलाने वाले ठेकेदारों पर भी मामले दर्ज किए गए हैं। रायगढ़ जिले के महाड एमआईडीसी पुलिस थाना क्षेत्र में नकली दस्तावेजों पर निर्माण स्थलों पर काम करने वाले बांग्लादेशी नागरिकों पर कार्रवाई हुई है। जालना जिले के आन्वा स्थित स्टोन क्रशर पर काम कर रहे तीन बांग्लादेशी मजदूरों को पकड़ा गया और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। वहीं, मुंबई के कुरार पुलिस थाना क्षेत्र में दो बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से रहते हुए पाए गए, जो निर्माण स्थल पर काम कर रहे थे। इनके खिलाफ सीसीटीएनएस प्रणाली में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को देश से निष्कासित करने के लिए नवी मुंबई के बालेगांव में 213 कैदियों की क्षमता वाला कानूनी निरोध केंद्र बनाने की मंजूरी दी गई है, जिसका निर्माण जल्द पूरा होगा। इसके अलावा, 80 कैदियों की क्षमता वाला एक नया निरोध केंद्र भी खोला जाएगा। इस संबंध में सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं और केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ समन्वय किया जा रहा है। गृह राज्य मंत्री श्री कदम ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार बांग्लादेशी नागरिकों की घुसपैठ रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क है और इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।




