
मुंबई। महाराष्ट्र के महत्वपूर्ण साखर (चीनी) उद्योग को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निर्देश दिए हैं कि मुख्य सचिव के नेतृत्व में एक राज्यस्तरीय समिति गठित कर जल्द से जल्द विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। मंगलवार को विधानभवन में साखर उद्योग से जुड़े मुद्दों पर आयोजित बैठक में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, जलसंपदा मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील, सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील, सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि साखर कारखानों की आर्थिक कठिनाइयों को देखते हुए आगामी गाळप (क्रशिंग) सीजन को सुचारू रूप से शुरू करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि गठित समिति में सहकार, कृषि, वित्त विभाग के सचिव, साखर आयुक्त, उद्योग सचिव और राज्य सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक शामिल हों। यह समिति साखर कारखानों की समस्याओं, चुनौतियों, समाधान और वैकल्पिक व्यवस्थाओं का गहन अध्ययन कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, जिसके आधार पर राज्य सरकार उद्योग के लिए विशेष पैकेज घोषित कर सकती है। इसके अलावा बड़े गुड़ और खांडसारी प्रोजेक्ट्स के लिए नियामक व्यवस्था तैयार करने के भी निर्देश दिए गए हैं, जिसका मसौदा 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार से सहयोग और रियायतें प्राप्त करने के लिए साखर कारखाना संघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ जल्द बैठक कर चर्चा की जाएगी। राज्य और केंद्र सरकार मिलकर साखर उद्योग की समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रयास करेंगे। सरकार ने संकेत दिए हैं कि साखर उद्योग को सशक्त बनाने के लिए जल्द ही नीतिगत और ठोस निर्णय लिए जाएंगे, जिससे इस क्षेत्र को नई मजबूती मिल सके।




