
बीड़। महाराष्ट्र के बहुचर्चित सरपंच संतोष देशमुख हत्याकांड में विशेष मकोका अदालत ने मंगलवार को मुख्य आरोपी वाल्मीक कराड की आरोपमुक्ति याचिका खारिज कर दी और मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी है। कराड के वकील ने संकेत दिया है कि आरोपमुक्ति याचिका की अस्वीकृति को अब उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। विशेष लोक अभियोजक उज्ज्वल निकम ने बताया कि कराड ने जमानत याचिका भी दायर की है, जिसका राज्य सरकार विरोध करेगी। इस हत्याकांड में बीड की अदालत में पहले ही 1,200 से अधिक पन्नों का विस्तृत आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है, जिसमें सरपंच देशमुख की नृशंस हत्या, अपहरण, और प्रताड़ना से जुड़ी घटनाओं का सिलसिलेवार विवरण दिया गया है। निकम के अनुसार, आरोपमुक्ति की असफल याचिका के बाद अन्य आरोपियों—जिनमें विष्णु चाटे प्रमुख हैं—ने भी अदालत में इसी प्रकार की याचिकाएं दाखिल की हैं, जिन पर अब 4 अगस्त को सुनवाई होगी। निकम ने इसे अदालती समय की बर्बादी और न्यायिक प्रक्रिया में देरी की एक सुनियोजित रणनीति बताया। उल्लेखनीय है कि 9 दिसंबर 2023 को बीड ज़िले के मस्साजोग गांव में सरपंच संतोष देशमुख का उस समय अपहरण कर लिया गया था, जब उन्होंने एक ऊर्जा कंपनी के नाम पर की जा रही जबरन वसूली का विरोध किया था। बाद में उन्हें प्रताड़ित कर उनकी हत्या कर दी गई। इस मामले में अब तक कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और उनके खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत कठोर धाराओं में मुकदमा चल रहा है।




