
डॉ अंशुमान अग्निहोत्री
उन्नाव, उत्तर प्रदेश। ‘नर सेवा नारायण सेवा’ संस्था के संस्थापक समाजसेवी विमल द्विवेदी ने इस दीपावली पर स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल की है। उन्होंने स्थानीय कुम्हारों को सम्मान और रोजगार देने के उद्देश्य से 1 लाख 51 हजार मिट्टी के दीये खरीदे और उन्हें शहरभर में नि:शुल्क वितरित कराया। इस अभियान का उद्देश्य विदेशी वस्तुओं और ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते चलन का विरोध करते हुए ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को सशक्त बनाना है। विमल द्विवेदी ने बताया कि यह केवल एक वितरण कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की मुहिम है। उन्होंने कहा- विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार कर जब हम अपने स्थानीय कारीगरों और उत्पादों को अपनाएंगे, तभी भारत वास्तव में आत्मनिर्भर बनेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को सशक्त बनाना हर नागरिक का कर्तव्य है। विमल द्विवेदी की संस्था कई वर्षों से यह परंपरा निभा रही है। हर वर्ष दिवाली से पहले स्थानीय कुम्हारों से मिट्टी के दीये मुंहमांगी कीमत पर खरीदे जाते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक सहयोग और आत्मसम्मान दोनों मिलता है। इस वर्ष भी शहर के मुख्य बाजारों और प्रमुख मार्गों पर स्वयंसेवकों द्वारा दीयों का वितरण किया गया। अभियान के दौरान आम नागरिकों, व्यापारियों और बच्चों में स्वदेशी के प्रति जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कई दुकानदारों ने इस दीपावली पर केवल स्वदेशी वस्तुएं बेचने और खरीदने का संकल्प भी लिया।




