
नई दिल्ली/मुंबई। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा किए गए निर्णायक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पृष्ठभूमि में, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार ने भारतीय सशस्त्र बलों और केंद्र सरकार के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया है। उन्होंने इस सैन्य अभियान को 22 अप्रैल को हुए हमले में मारे गए 26 नागरिकों को न्याय दिलाने की दिशा में एक “साहसिक और आवश्यक कदम” बताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए एक बयान में पवार ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से सीधे बात कर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के रणनीतिक पहलुओं और परिणामों की जानकारी ली। पवार ने भारतीय वायु सेना द्वारा सीमापार नौ आतंकी शिविरों पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक की सराहना की और इसे “सटीकता और पेशेवर कौशल का उदाहरण” बताया। उन्होंने बलों के इस प्रयास को आतंकवाद के खिलाफ एक “स्पष्ट और निर्णायक संदेश” करार दिया और इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि ऑपरेशन में केवल आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जबकि आम नागरिकों या पाकिस्तानी सैन्य बुनियादी ढांचे को कोई क्षति नहीं पहुँचाई गई। उन्होंने कहा,भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता ने न केवल देशवासियों में विश्वास बहाल किया है, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि भारत आतंकवाद के विरुद्ध समझौता नहीं करेगा। पवार ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर एकमत हों और सरकार के दृढ़ रुख के साथ खड़े रहें। इस चुनौतीपूर्ण घड़ी में, राजनीतिक भिन्नताओं से ऊपर उठकर राष्ट्रीय एकजुटता दिखाना आवश्यक है।
उल्लेखनीय है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय सेना, वायु सेना और नौसेना के संयुक्त प्रयास में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों के नौ शिविरों को निशाना बनाया गया, जिनमें 80 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की खबर है। भारत ने स्पष्ट किया है कि यह जवाबी कार्रवाई केवल आतंकवादी ढाँचों तक सीमित थी। हालांकि पाकिस्तान ने इस ऑपरेशन की निंदा की है और इसे “गंभीर उकसावा” बताते हुए प्रतिक्रिया देने की चेतावनी दी है। बावजूद इसके, भारत के राजनीतिक गलियारे में शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेता का यह समर्थन सरकार की आतंकवाद के खिलाफ नीति को और बल देता है।