
ठाणे। एनसीपी (शरद पवार गुट) प्रमुख शरद पवार ने बुधवार को पहलगाम आतंकी हमले को लेकर कांग्रेस द्वारा संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का सत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की एकता और मजबूती का संदेश देगा। पवार ठाणे जिले के तुलजा भवानी मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने हमले को “देश पर हमला” करार देते हुए कहा कि इस मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों को एक साथ आना चाहिए। हमारे कुछ सहयोगियों ने विशेष सत्र की मांग की है। पूरा देश इस मुद्दे पर एकजुट है। संसद का एकजुट स्वर दुनिया को एक मजबूत संदेश देगा।
प्रधानमंत्री को समर्थन का आश्वासन
पूर्व रक्षा मंत्री पवार ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार जो भी निर्णय इस मामले में लेगी, वे उसका पूरा समर्थन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के राष्ट्रीय संकट में धर्म, जाति या भाषा के नाम पर विभाजन नहीं होना चाहिए।
कांग्रेस ने विशेष सत्र की मांग की
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर संसद का विशेष सत्र बुलाने का अनुरोध किया था ताकि इस हमले पर चर्चा की जा सके और राष्ट्रीय एकता का संकल्प प्रदर्शित किया जा सके। शरद पवार से यह भी पूछा गया कि क्या वह उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच सुलह की संभावना देखते हैं। इस पर उन्होंने कहा अगर ऐसा होता है तो यह सकारात्मक विकास होगा। जब दो परिवार एक साथ आते हैं, तो यह हमेशा अच्छा होता है।
धार्मिक आयोजनों में भागीदारी पर दी सफाई
यह पूछे जाने पर कि क्या वह चुनिंदा धार्मिक आयोजनों में ही भाग लेते हैं, पवार ने इसे “आधा सच” बताया और कहा कि जब वे मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने पंढरपुर और तुलजापुर जैसे प्रमुख मंदिरों में कई बार पूजा की थी।




