
मुंबई। एनसीपी (शरद पवार गुट) के प्रमुख और वरिष्ठ नेता शरद पवार ने सोमवार को मध्य रेलवे के उपनगरीय नेटवर्क में हुई एक दर्दनाक दुर्घटना पर गहरा शोक जताया। उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए और लोकल ट्रेनों में स्वचालित दरवाजे लगाए जाने की तत्काल जरूरत पर बल दिया। यह हादसा सोमवार सुबह तब हुआ जब दिवा और कोपर रेलवे स्टेशनों के बीच तेज़ रफ्तार से गुजर रही दो लोकल ट्रेनों के फुटबोर्ड पर खड़े यात्रियों के बैग आपस में टकरा गए। टक्कर के कारण कई यात्री संतुलन खोकर पटरियों पर गिर पड़े। इस दुर्घटना में चार यात्रियों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए, जिनमें कुछ का अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए पवार ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा,
“मध्य रेलवे को समय की अच्छी योजना बनानी चाहिए और महत्वपूर्ण मार्गों पर लोकल ट्रेनों की संख्या बढ़ानी चाहिए। यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी उपाय तुरंत लागू किए जाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी लगातार हो रही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लोकल ट्रेनों में स्वचालित दरवाजों को लागू करने का निर्णय अब और टालना ठीक नहीं है। शरद पवार ने अपने संदेश में पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
रेलवे प्रशासन को चेताते हुए कहा कि मध्य रेलवे नेटवर्क पर औसतन हर दिन छह से सात यात्रियों की मौत गिरने के कारण हो रही है। यह कोई आकस्मिक संयोग नहीं बल्कि एक व्यवस्था की विफलता है। यात्रियों को ही दोष देना अन्यायपूर्ण है। यह ज़िम्मेदारी रेलवे प्रशासन की है कि वह ट्रेनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि रेलवे प्रशासन समय रहते समाधान नहीं निकालेगा तो ऐसी दुर्घटनाएं लगातार होती रहेंगी और अनमोल जानें यूं ही जाती रहेंगी। यह हादसा न केवल मुंबई की जीवन रेखा मानी जाने वाली लोकल ट्रेनों की भीड़भाड़ की विकराल स्थिति को उजागर करता है, बल्कि यात्रियों की जान जोखिम में डालने वाली मौजूदा व्यवस्था पर सवाल भी खड़े करता है। शरद पवार के बयान से यह स्पष्ट है कि अब लोकल ट्रेनों में आधुनिक सुरक्षा उपायों की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।




