
इंद्र यादव
ठाणे। मुंबई–गुजरात हाईवे पर स्थित काशीगांव पुलिस ने देह व्यापार के एक संगठित काले कारोबार का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने जाल बिछाकर एक महिला दलाल को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, जबकि इस अवैध धंधे में फंसी तीन पीड़ित युवतियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। पुलिस को एक एनजीओ के माध्यम से पुख्ता सूचना मिली थी कि मीरा रोड ईस्ट स्थित दाराज होटल के आसपास एक महिला एजेंट देह व्यापार के लिए लड़कियों की सप्लाई करने आने वाली है। जानकारी के अनुसार, आरोपी महिला मोबाइल के जरिए खुद को स्पा सेंटर से जुड़ा बताकर ग्राहकों को युवतियों की तस्वीरें भेजती थी और सौदा तय करती थी। सूचना के आधार पर काशीगांव पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राहुल कुमार पाटिल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जाल बिछाया। पुलिस ने एक फर्जी ग्राहक तैयार कर आरोपी महिला से संपर्क कराया। जैसे ही सौदा तय हुआ और महिला तीन युवतियों को लेकर तय स्थान पर पहुंची, वहां पहले से तैनात पुलिस टीम और पंचों ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में पुलिस ने तीन पीड़ित युवतियों को रेस्क्यू किया। जांच में सामने आया कि ये युवतियां अलग-अलग स्पा सेंटर में काम करती थीं, जिन्हें आरोपी महिला जबरन या बहला-फुसलाकर देह व्यापार के धंधे में धकेल रही थी। रेस्क्यू की गई युवतियों को सुधार और पुनर्वास के लिए कांदिवली स्थित ‘रेस्क्यू फाउंडेशन’ भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 143(1), 143(3) और पीटा एक्ट की धारा 4 व 5 के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और स्पा सेंटरों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है। यह पूरी कार्रवाई मीरा-भायंदर-वसई-विरार (एमबीवीवी) पुलिस आयुक्तालय के वरिष्ठ अधिकारियों और जोन-1 के पुलिस उपायुक्त राहुल चव्हाण (आईपीएस) के मार्गदर्शन में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राहुल कुमार पाटिल, हवलदार अभिजीत ठाकुर और उनकी टीम द्वारा अंजाम दी गई।




