
मुंबई। एसवीकेएम के डॉ. भानुबेन नानावटी कॉलेज ऑफ फार्मेसी के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) यूनिट एसबी-34 के विद्यार्थियों ने 22 से 28 फरवरी 2026 के दौरान पारगांव में सात दिवसीय विशेष शिविर आयोजित कर विभिन्न समाजोपयोगी गतिविधियां संचालित कीं। शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों में स्वास्थ्य जागरूकता, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। शिविर के दौरान ग्रामीण स्वास्थ्य इकाई पालघर के सहयोग से स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय नागरिकों की प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की गई और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इस दौरान लोगों को रोगों की रोकथाम और समय पर पहचान के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने “हृदय स्वास्थ्य” विषय पर मराठी में पथनाट्य प्रस्तुत कर हृदय रोगों के कारण, लक्षण, उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल, तनाव, गलत खानपान और नियमित व्यायाम के महत्व के बारे में प्रभावी संदेश दिया। इस पथनाट्य को ग्रामीणों से उत्साहपूर्ण प्रतिसाद मिला और हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिली। इसके अलावा छात्रों ने क्षयरोग (टीबी) के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए रैली निकाली, जिसमें टीबी के लक्षण, रोकथाम और उपचार से संबंधित जानकारी दी गई। ग्राम पंचायत के सहयोग से प्लास्टिक सफाई अभियान भी चलाया गया। इस शिविर के सफल आयोजन में पारगांव (सफाले) के सरपंच अंकुश शांतराम जबर, ग्राम विकास अधिकारी जैनाली भोईर, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रेरणा वाघमारे, डॉ. सौरभ काटवले, प्राध्यापक एंजल गोडाड, अक्षता पहलकर, प्रयोगशाला कर्मचारी विशाल तथा महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. मुनिराम मोमीन का विशेष सहयोग रहा। आयोजकों के अनुसार इस शिविर के माध्यम से ग्रामीणों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक जागरूकता बढ़ी है तथा युवाओं की समाज विकास में सक्रिय भागीदारी भी सामने आई है।




