
मुंबई। राज्य के अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को विदेश में पीएचडी, स्नातकोत्तर डिग्री तथा स्नातकोत्तर डिप्लोमा जैसे पाठ्यक्रमों के लिए हर वर्ष छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इससे आदिवासी विद्यार्थियों के विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के सपनों को मजबूती मिलती है। शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के अंतर्गत 40 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। इच्छुक एवं पात्र विद्यार्थियों से तत्काल ऑनलाइन आवेदन करने की अपील आदिवासी विकास विभाग की आयुक्त लीना बनसोड ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से की है। अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं को विदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा का अवसर मिले तथा उनकी प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर पहचान मिले, इस उद्देश्य से आदिवासी विकास विभाग द्वारा ‘विदेश में शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति योजना’ संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए 40 मेधावी आदिवासी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए इच्छुक और पात्र विद्यार्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आदिवासी विकास विभाग द्वारा विदेश के नामांकित विश्वविद्यालयों में प्रवेश प्राप्त करने वाले अनुसूचित जनजाति के 40 विद्यार्थियों को शैक्षणिक व्यय वहन करने हेतु छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। इस छात्रवृत्ति में शिक्षण एवं परीक्षा शुल्क, निर्वाह भत्ता (निवास व भोजन), शैक्षणिक आकस्मिक व अन्य खर्च, विमान यात्रा व्यय, वीज़ा शुल्क तथा स्वास्थ्य बीमा शामिल होंगे। शैक्षणिक आकस्मिक एवं अन्य खर्चों के लिए अमेरिका व अन्य देशों (यूके को छोड़कर) हेतु प्रतिवर्ष 1500 अमेरिकी डॉलर, जबकि यूके के लिए 1100 जीबीपी प्रदान किए जाएंगे। योजना के अंतर्गत लाभार्थी विद्यार्थी के परिवार की वार्षिक आय सीमा 8 लाख रुपये निर्धारित की गई है तथा संबंधित विश्वविद्यालय की क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग 200 के भीतर होना अनिवार्य है। यदि निर्धारित मानदंडों के अनुसार पात्र विद्यार्थी उपलब्ध नहीं होते हैं, तो परिवार की आय सीमा को 10 लाख रुपये तक शिथिल किया जाएगा तथा क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग सीमा को 200 से बढ़ाकर 300 तक स्वीकार किया जाएगा। विदेश में उच्च शिक्षा के लिए आवश्यक TOEFL या IELTS जैसी प्रवेश परीक्षाएं उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। छात्रवृत्ति योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित प्रारूप में आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से करना अनिवार्य है। पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले विद्यार्थियों का चयन चयन समिति द्वारा किया जाएगा। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए आदिवासी विकास विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाने की अपील की गई है।




