
मुंबई। ग्रामीण महाराष्ट्र में आवास विकास की गति को नए आयाम देते हुए, मुख्यमंत्री समृद्धि पंचायत राज अभियान के अंतर्गत चल रही ग्रामीण आवास योजना में अब तक 72,097 आवास इकाइयों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। भूमिहीन लाभार्थियों को प्राथमिकता देने और उन्हें शीघ्र आवास उपलब्ध कराने के निर्देश ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री जयकुमार गोरे ने शनिवार को मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव एकनाथ दावले, ग्रामीण आवास निदेशक डॉ. राजाराम दिघे, और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री श्री गोरे ने बताया कि मुख्यमंत्री समृद्धि पंचायत राज अभियान के तहत उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)– चरण 1 तथा 2024-25 राज्य योजनाओं के अंतर्गत 17,859 आवास, जबकि पीएमएवाई-जी चरण 2 और 2024-25 राज्य योजनाओं के तहत 54,238 आवास, इस प्रकार कुल 72,097 आवास पूर्ण हो चुके हैं। इसके अलावा, लगभग 30 लाख आवास इकाइयाँ निर्माणाधीन हैं, और अब तक 6,075 भूमिहीन लाभार्थियों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं। मंत्री श्री गोरे ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण महाराष्ट्र को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए आवास निर्माण की गति को और तेज किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं में लाभार्थी-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि हर पात्र नागरिक को पक्का घर मिल सके। उन्होंने आगे कहा कि भूमिहीन लाभार्थियों को प्राथमिकता दी जाए और उन्हें मनरेगा के अंतर्गत मजदूरी लाभ प्रदान करने की दिशा में कार्रवाई की जाए। साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) चरण 2 में परिवारों को सौर ऊर्जा का लाभ प्रदान करने पर भी ज़ोर दिया गया है। बैठक में मंत्री श्री गोरे ने राज्य एवं क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए संतोष व्यक्त किया। उन्होंने यह भी कहा कि नवीन पहलों और तकनीकी उपायों को लागू कर ग्रामीण आवास योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। मुख्यमंत्री समृद्धि पंचायत राज अभियान के अंतर्गत यह योजना 17 सितंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक क्रियान्वित की जा रही है। इस दौरान लक्ष्य रखा गया है कि 1 अप्रैल 2025 से पूर्व स्वीकृत सभी आवासों को पूर्ण किया जाए,
सभी पात्र भूमिहीन हितग्राहियों को स्थान उपलब्ध कराया जाए, मनरेगा के अंतर्गत सभी स्वीकृत आवास हितग्राहियों को लाभ प्रदान किया जाए, तथा प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना या अन्य योजनाओं के अंतर्गत सौर ऊर्जा परियोजनाएँ स्थापित की जाएँ।
मंत्री श्री गोरे ने कहा कि यह केवल आवास निर्माण का अभियान नहीं, बल्कि ग्रामीण महाराष्ट्र के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण का संकल्प है।




