
मुंबई। राज्य में संचालित महत्वाकांक्षी नदी जोड़ परियोजनाओं के कार्यों को गति देने के उद्देश्य से जलसंपदा मंत्री (गोदावरी व कृष्णा खोरे विकास महामंडल) राधाकृष्ण विखे-पाटील ने संबंधित परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।
इस दौरान दमणगंगा–वैतरणा–गोदावरी नदी जोड़ परियोजना, दमणगंगा–एकदरे–गोदावरी नदी जोड़ परियोजना तथा कृष्णा घाटी के बाढ़ के पानी को भीमा नदी घाटी में मोड़ने से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
बुधवार को सह्याद्री अतिथिगृह में आयोजित बैठक में जलसंपदा विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कपूर, महाराष्ट्र इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मेशन (मित्र) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रवीण परदेशी, नियोजन विभाग के प्रधान सचिव सौरभ विजय, जलसंपदा सचिव संजय बेलसरे, गोदावरी पाटबंधारे विकास महामंडल के कार्यकारी संचालक संतोष तिरमनवार सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। जलसंपदा मंत्री राधाकृष्ण विखे-पाटील ने स्पष्ट किया कि कोकण क्षेत्र की जलसमृद्ध घाटियों से अतिरिक्त जल को गोदावरी घाटी में मोड़कर नाशिक और मराठवाड़ा क्षेत्र में जल संकट को दूर करना इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि पाटबंधारे विकास महामंडलों के अंतर्गत उपलब्ध अतिरिक्त भूमि को पर्यावरण-अनुकूल एवं पर्यटन की दृष्टि से विकसित कर आय के नए स्रोत तैयार किए जाएंगे। बांध क्षेत्रों से सटी इन जमीनों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत विकसित एवं प्रबंधित करने के लिए नीति निर्धारित की गई है। पुणे और सोलापुर जिलों में इस दिशा में कार्यवाही शुरू हो चुकी है और आगे भी इसी नीति के तहत कार्य किया जाएगा। ‘नाबार्ड’ के माध्यम से संचालित सिंचाई परियोजनाओं के लिए 24 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान का प्रस्ताव है, जिसमें से अब तक 8,500 करोड़ रुपये जलसंपदा विभाग को प्राप्त हो चुके हैं। इस निधि से विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के कार्य जारी हैं। सिंचाई परियोजनाओं को और गति देने के लिए 6,500 करोड़ रुपये के वितरण हेतु वित्त एवं नियोजन विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। साथ ही कृष्णा घाटी से भीमा घाटी में पानी लाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर तत्काल निविदा प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
फ्लोटिंग सोलर पावर जनरेशन नीति की समीक्षा
बैठक में जलसंपदा विभाग द्वारा तैयार की गई फ्लोटिंग सोलर पावर जनरेशन पॉलिसी के मसौदे की भी समीक्षा की गई। इस मसौदे को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए आवश्यक तैयारी करने के निर्देश जलसंपदा मंत्री विखे-पाटील ने दिए। इसके अलावा, महाराष्ट्र सिंचाई सुधार कार्यक्रम के अंतर्गत पाटबंधारे नियम, 1976 में प्रस्तावित संशोधनों को मंत्रिमंडल बैठक में प्रस्तुत करने को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में गोदावरी और कृष्णा खोरे विकास महामंडलों के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में लागू की जाने वाली विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं, विकास कार्यों तथा नदी जोड़ परियोजनाओं के लिए प्रस्तावित बजटीय प्रावधानों की जानकारी भी प्रस्तुत की गई।




