
मुंबई। न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक के खाताधारकों के लिए राहत की खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सोमवार को बैंक पर लगाए गए प्रतिबंधों में ढील देते हुए 27 फरवरी से प्रति जमाकर्ता 25,000 रुपये तक की निकासी की अनुमति दे दी है। यह फैसला बैंक की नकदी स्थिति की समीक्षा और प्रशासक की सलाह के बाद लिया गया है।
एटीएम से भी निकासी की सुविधा
आरबीआई ने स्पष्ट किया कि खाताधारक इस निकासी के लिए बैंक की शाखाओं के साथ-साथ एटीएम का भी उपयोग कर सकते हैं। हालांकि, निकाली जा सकने वाली कुल राशि प्रति जमाकर्ता 25,000 रुपये या खाते में उपलब्ध शेष राशि, जो भी कम हो, वही रहेगी। इस राहत के बाद अब 50 प्रतिशत से अधिक जमाकर्ता अपनी पूरी शेष राशि निकाल सकेंगे, जबकि अन्य ग्राहकों को 25,000 रुपये तक निकालने की सुविधा मिलेगी।
आरबीआई रखेगा करीबी नजर
केंद्रीय बैंक ने कहा कि वह बैंक की गतिविधियों पर करीबी नजर रख रहा है और जमाकर्ताओं के हित में आवश्यक कदम उठाएगा। न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक की कुल 28 शाखाओं में से अधिकांश मुंबई महानगर में स्थित हैं, जबकि गुजरात के सूरत में इसकी दो शाखाएं और पुणे में एक शाखा है।
13 फरवरी को लगाए गए थे प्रतिबंध
इससे पहले, आरबीआई ने 13 फरवरी को न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे। निगरानी संबंधी चिंताओं के कारण बैंक के निदेशक मंडल को भंग कर दिया गया था, और इसके प्रशासक के रूप में एसबीआई के पूर्व मुख्य महाप्रबंधक श्रीकांत को नियुक्त किया गया था। इसके अलावा, प्रशासक की सहायता के लिए सलाहकारों की एक समिति भी बनाई गई थी।
सलाहकार समिति का पुनर्गठन
आरबीआई ने प्रशासक की सलाहकार समिति (COA) का पुनर्गठन भी किया है, जो 25 फरवरी 2025 से प्रभावी होगा। नई समिति में एसबीआई के पूर्व महाप्रबंधक रवींद्र सपरा, सारस्वत सहकारी बैंक के पूर्व डिप्टी सीजीएम रवींद्र तुकाराम चव्हाण और चार्टर्ड अकाउंटेंट आनंद एम. गोलास को शामिल किया गया है।
आरबीआई के इस फैसले से बैंक के खाताधारकों को बड़ी राहत मिली है और अब वे अपनी जरूरतों के लिए सीमित निकासी कर सकेंगे।




