
चेन्नई। मद्रास उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा को अंतरिम ट्रांजिट अग्रिम जमानत दे दी और मुंबई पुलिस को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 7 अप्रैल के लिए निर्धारित की। कुणाल ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ कथित टिप्पणी को लेकर मुंबई में दर्ज प्राथमिकी के संबंध में ट्रांजिट अग्रिम जमानत की मांग की थी। उनके वकील वी सुरेश ने अदालत से तत्काल राहत की अपील की, जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया पर उनके स्टैंड-अप वीडियो नया भारत के रिलीज होने के बाद मिली मौत की धमकियों का हवाला दिया।एफआईआर और कानूनी कार्रवाई
कुणाल के खिलाफ मामला शिवसेना विधायक मुराजी पटेल की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353(1)(बी), 353(2) (सार्वजनिक उत्पात) और 356(2) (मानहानि) के तहत दर्ज जीरो एफआईआर से शुरू हुआ, जिसे बाद में मुंबई के खार पुलिस स्टेशन में स्थानांतरित कर दिया गया। इसके अलावा, शिवसेना (शिंदे गुट) युवा सेना के महासचिव राहुल कनाल, कुणाल सरमालकर और लगभग 40 पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ स्टैंड-अप कॉमेडी स्थल हैबिटेट में तोड़फोड़ के आरोप में एक अन्य प्राथमिकी दर्ज की गई। इस एफआईआर में बीएनएस और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की कई धाराएं शामिल हैं, जिनमें दंगा, गैरकानूनी ढंग से एकत्र होना, धमकी देना, अतिक्रमण और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप शामिल हैं। हालांकि कुणाल ने अपनी टिप्पणी में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का स्पष्ट रूप से नाम नहीं लिया, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्होंने परोक्ष रूप से शिंदे को “देशद्रोही” कहा, जो शिवसेना से उनके अलग होने के संदर्भ में था। सोमवार को 36 वर्षीय कॉमेडियन ने अपने शो नया भारत को सोशल मीडिया पर जारी किया, जिसके तुरंत बाद एमआईडीसी पुलिस ने कथित रूप से शिंदे को बदनाम करने और झूठे बयान फैलाने के आरोप में उनके खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की।
कुणाल ने माफी मांगने से किया इनकार
विवाद के बीच कुणाल ने स्पष्ट कर दिया कि वह अपने कार्यक्रम के दौरान की गई टिप्पणियों के लिए माफी नहीं मांगेंगे। अपने आधिकारिक बयान में उन्होंने कहा, मैं माफी नहीं मांगूंगा। मैंने जो कहा, वह बिल्कुल वही है जो श्री अजित पवार (प्रथम उपमुख्यमंत्री) ने श्री एकनाथ शिंदे (द्वितीय उपमुख्यमंत्री) के बारे में कहा था। मैं इस भीड़ से नहीं डरता और मैं अपने बिस्तर के नीचे छिपकर इस घटना के शांत होने का इंतजार नहीं करूंगा।




