
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट बैठक में म्हाडा के अंतर्गत आने वाली बांद्रा रिक्लेमेशन और आदर्श नगर वर्ली की दो इमारतों के संयुक्त पुनर्विकास को मंजूरी दे दी गई। इस फैसले के तहत इन दोनों क्षेत्रों में स्थित कुछ सहकारी आवास सोसायटियों के पुनर्विकास की अनुमति दी गई है। मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया कि उन भूखंडों को छोड़कर जिनके लिए पहले से अनुमति दी जा चुकी है, बाकी एकल इमारतों के पुनर्विकास के लिए म्हाडा के माध्यम से एक निर्माण एवं विकास एजेंसी (CDA) की नियुक्ति की जाएगी। इस एकीकृत परियोजना के तहत सरकार की पूर्व स्वीकृति से चार एफएसआई (Floor Space Index) की अनुमति प्रदान की जाएगी, जिसमें से एक एफएसआई को म्हाडा के इंडेक्स हाउसिंग स्टॉक के रूप में उपयोग किया जाएगा। म्हाडा को ऐसे डेवलपर का चयन करना होगा जो अधिकतम हाउसिंग स्टॉक उपलब्ध कराने को तैयार हो और निविदा प्रक्रिया की वित्तीय व भौतिक शर्तों को पूरा करता हो। साथ ही, इस प्रक्रिया में सभी सरकारी निर्णयों और नियमों का पालन आवश्यक होगा। बांद्रा रिक्लेमेशन का कुल क्षेत्रफल 1,97,466 वर्ग मीटर और आदर्श नगर वर्ली का क्षेत्रफल 68,034 वर्ग मीटर है। इन परियोजनाओं के लिए नियुक्त डेवलपर को दोनों क्षेत्रों के कुल सदस्यों में से कम से कम 51 प्रतिशत सदस्यों की सहमति वाला पत्र म्हाडा को सौंपना अनिवार्य होगा। निर्माण एवं विकास एजेंसी को इन इमारतों के मूल भूस्वामियों व निवासियों के पुनर्वास, उन्हें अस्थायी आवास, वैकल्पिक स्थलों हेतु किराया भुगतान, कॉर्पस फंड का प्रावधान तथा बुनियादी ढांचे के विकास की पूर्ण जिम्मेदारी निभानी होगी।




