
मुंबई। महाराष्ट्र के रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग जिलों सहित पुणे घाट, सतारा घाट और कोल्हापुर घाट में अगले 24 घंटों के लिए भारी वर्षा को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने जिला प्रशासन को सतर्क रहने और सभी एहतियाती उपाय करने के निर्देश दिए हैं। संभावित आपदा की स्थिति में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) को भी अलर्ट पर रखा गया है। भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) ने कोंकण तटीय क्षेत्र के लिए गंभीर चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 24 जुलाई की शाम 5:30 बजे से लेकर 26 जुलाई की रात 8:30 बजे तक मुंबई, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी, पालघर और सिंधुदुर्ग के समुद्री तटों पर 3.8 से 4.7 मीटर तक ऊँची लहरें उठने की आशंका है। इन परिस्थितियों को देखते हुए मछुआरों और छोटी नावों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है। समुद्र कटाव और ऊँची लहरों के तट से टकराने की संभावना को देखते हुए समुद्री किनारों पर बसे समुदायों को विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है।
इस बीच, गढ़चिरौली जिले के गोमनी क्षेत्र में अचानक बाढ़ के पानी में फँसे ग्राम सेवक उमेश धोडारे को स्थानीय पुलिस और बचाव दल ने समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राज्य आपातकालीन केंद्र ने इसे एक त्वरित और प्रभावी राहत कार्रवाई बताया है। मुंबई शहर और उपनगरों को पानी की आपूर्ति करने वाले तीन प्रमुख बाँध – मोदक सागर, मध्य वैतरणा और तानसा– भारी बारिश के चलते भर चुके हैं, और इनमें से क्रमशः 2043.74, 2118.95 और 3315.25 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते निचले क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ की संभावना को देखते हुए नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सभी जिला प्रशासनिक इकाइयों को संभावित आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने और आवश्यक राहत सामग्री एवं बचाव संसाधनों को तत्पर रखने को कहा गया है।




