
मुंबई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे का बहुप्रतीक्षित गुड़ी पाड़वा सम्मेलन इस बार भी मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित होगा। मुंबई नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने इस आयोजन की मंजूरी दे दी है, जिससे अब मनसे कार्यकर्ता जोर-शोर से तैयारियों में जुट गए हैं।
राजनीतिक मंथन की उम्मीद
हर साल की तरह इस बार भी 30 मार्च को होने वाली इस जनसभा में महाराष्ट्र की राजनीति पर बड़ी चर्चा होने की संभावना है। राज ठाकरे न सिर्फ पार्टी संगठन पर बात कर सकते हैं, बल्कि हाल ही में हुई नागपुर हिंसा और महाराष्ट्र एमएलसी चुनावों जैसे अहम मुद्दों पर भी अपनी राय रख सकते हैं। शिवाजी पार्क में हर साल मराठी नववर्ष पर गुड़ी पाड़वा मेला आयोजित होता है, जो मनसे कार्यकर्ताओं के लिए खास महत्व रखता है। इसे आगामी मुंबई नगर निगम चुनावों की पृष्ठभूमि में भी अहम माना जा रहा है। राज्यभर से कार्यकर्ताओं के शामिल होने के कारण सभा में भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है।
गुड़ी पाड़वा का धार्मिक महत्व
गुड़ी पाड़वा न केवल मराठी नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है, बल्कि इसे शुभता और समृद्धि का प्रतीक भी माना जाता है। इस दिन घरों में गुड़ी (विजय पताका) फहराई जाती है, जिससे बुरी शक्तियों पर विजय और नए साल की शुरुआत का संकेत मिलता है। इस साल चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 29 मार्च को शाम 4:27 बजे से होगी और समापन 30 मार्च को दोपहर 12:49 बजे होगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, उदया तिथि के आधार पर इस साल गुड़ी पाड़वा का पर्व 30 मार्च को मनाया जाएगा। राज ठाकरे की इस सभा से क्या नए राजनीतिक संकेत मिलते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा।




