
मुंबई। मानसून की पहली भारी बारिश ने मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। आर्थिक राजधानी के कई इलाकों में जलभराव से जनजीवन ठप हो गया है। रेल यातायात प्रभावित हुआ है, सड़कों पर गाड़ियां फंसी हैं और मेट्रो स्टेशनों तक में पानी भर गया है। ऐसे में सरकार की तैयारियों और बीएमसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस स्थिति को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कड़ा हमला बोलते हुए बेजीपी और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, “एक ही बारिश में मुंबई डूब गई। मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट में पानी घुस गया और भ्रष्टाचार की पोल खुल गई। पिछले तीन वर्षों से बीएमसी बेजीपी और शिंदे गुट के कब्जे में है, लेकिन इस दौरान जनता के पैसों की केवल लूट हुई है। इसका हिसाब हम जरूर लेंगे। फिलहाल मैं अपने शिवसैनिकों से अपील करता हूं कि सड़कों पर उतरें और नागरिकों की मदद करें।
आदित्य ठाकरे का तीखा हमला
शिवसेना (यूबीटी) के विधायक आदित्य ठाकरे ने भी सोशल मीडिया पर तीखा हमला बोलते हुए लिखा, भ्रष्ट मानसिकता वाले नेताओं को अब अपने लाडले ठेकेदारों की बैठक बुलाकर जश्न मनाना चाहिए कि कैसे उन्होंने घटिया निर्माण और झूठे वादों से मुंबई को ठगा। उन्होंने बीएमसी आपदा नियंत्रण कक्ष में डिप्टी सीएम शिंदे और मंत्री गिरीश महाजन की मौजूदगी को “दिखावटी” बताया। आदित्य ने आगे कहा, आज महाराष्ट्र में शासन-व्यवस्था नाम की कोई चीज़ नहीं बची है। मई महीने में ही जब यह हाल है, तो आने वाले दिनों की कल्पना करना भी कठिन है।
हिंदमाता और गांधी मार्केट को हमने बाढ़ मुक्त किया था
आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि बीएमसी पर बीजेपी और भ्रष्ट नेताओं का कब्जा है, जिसकी वजह से 2022 में बाढ़ से मुक्त किए गए इलाकों में भी फिर से जलभराव हो गया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “वर्ली मेट्रो स्टेशन की दीवार ढह गई, सीवेज का पानी अंदर घुस गया, जबकि इसका उद्घाटन दो हफ्ते पहले ही हुआ था। केम्प्स कॉर्नर के पास एक नई बनी सड़क धंस गई, और केईएम अस्पताल, मंत्रालय, बीएमसी कार्यालयों तक में पानी भर गया है। अंत में उन्होंने तीखे शब्दों में पूछा, “बीजेपी को मुंबई से इतनी नफरत क्यों है? वह इसे तबाह क्यों करना चाहती है?




