
मुंबई। राहुल गांधी शनिवार को 2014 में दायर एक मानहानि मामले में नई जमानत औपचारिकता पूरी करने के लिए भिवंडी मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश हुए। यह मामला एक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यकर्ता द्वारा दायर किया गया था। कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए कांग्रेस नेता ने महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल को अपना नया जमानतदार (गारंटर) बनाया। अधिवक्ता प्रबोध जयवंत ने बताया कि गांधी को पहले ही जमानत मिल चुकी थी, लेकिन पूर्व जमानतदार शिवराज पाटिल चाकुरकर के निधन के बाद मूल जमानत बांड धारक को पुनः जमानत प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी। गांधी के वकील नारायण अय्यर ने कहा कि अदालत ने सपकाल को जमानतदार के रूप में स्वीकार कर लिया है। वकील ने यह भी बताया कि मामला फास्ट-ट्रैक आधार पर चल रहा है और कांग्रेस पार्टी न्यायिक प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि माफी का कोई प्रश्न नहीं उठता, क्योंकि राहुल गांधी पहले ही उच्चतम न्यायालय में कह चुके हैं कि वे मुकदमे का सामना करने और अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखने को तैयार हैं। इस बीच, गांधी के कोर्ट में पेश होने से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और उन्हें काले झंडे दिखाए। यह मानहानि मामला 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान ठाणे जिले के सोनाले गांव में एक रैली में दिए गए कथित बयान से जुड़ा है, जिसमें गांधी ने कहा था कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे संघ का हाथ था। इस संबंध में आरएसएस कार्यकर्ता राजेश कुंटे ने उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ लगाया गया आरोप निराधार है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग उन्हें डराने और उलझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन राहुल गांधी ऐसे प्रयासों से भयभीत नहीं होते। उनके अनुसार, गांधी सच, जनता और देश के विकास के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।




