
कोल्हापुर। राज्य के कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे के खिलाफ शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के कई सदस्यों को हिरासत में लिया। यह घटना मंत्री के कोल्हापुर आगमन से पहले हुई, जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की कोशिश की, जिससे झड़प की स्थिति बन गई। विरोध की वजह मंत्री कोकाटे का हालिया बयान था, जिसमें उन्होंने कहा था- एक भिखारी भी 1 रुपया भीख नहीं लेता, लेकिन यहां हम 1 रुपये में फसल बीमा दे रहे हैं। फिर भी कुछ लोग इसका दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं। इसमें अनियमितताएं हैं, जैसे कि दूसरे राज्यों के लोग आवेदन कर रहे हैं। इस बयान से पूरे राज्य में किसानों के बीच आक्रोश फैल गया। स्वाभिमानी शेतकरी संगठन ने मंत्री के कोल्हापुर दौरे के दौरान उनसे जवाब मांगने के लिए विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई थी।
कैसे बढ़ा विवाद?: प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने पहले भरोसा दिलाया था कि उनकी मंत्री से बातचीत कराई जाएगी। इसके लिए उन्हें सरकारी गेस्टहाउस में आमंत्रित किया गया था। हालांकि, दोपहर 12:30 बजे, मंत्री के आगमन से ठीक पहले, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। गुस्साए किसानों ने पुलिस और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, जिससे पुलिस के साथ हाथापाई भी हुई। फिलहाल, पुलिस ने हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की संख्या का खुलासा नहीं किया है। राज्य सरकार ने अभी तक इस घटना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन किसान संगठन इस मुद्दे पर और आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में है। यह घटना राज्य में किसान असंतोष और नीतियों को लेकर बढ़ते आक्रोश को दर्शाती है। आने वाले दिनों में इसके और भी राजनीतिक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।




