
वी बी माणिक
मुंबई। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के सी वार्ड में अवैध निर्माण जोरों पर है, और इसमें सहायक मनपा आयुक्त (प्रभारी) व कार्यकारी अभियंता सतीश विधाते का संरक्षण बताया जा रहा है। जब से विधाते ने सी वार्ड का पदभार संभाला है, तब से अवैध निर्माण तेजी से बढ़ रहा है, जिस पर कोई अंकुश नहीं है। अदालत द्वारा बार-बार फटकार के बावजूद बीएमसी अधिकारी वसूली में व्यस्त हैं और अवैध निर्माण को रोकने की कोई मंशा नहीं दिखा रहे हैं। दक्षिण मुंबई के 49 दागिना बाजार, तांबा कांटा, मुंबादेवी रोड पर दो मंजिलों का अवैध निर्माण किया गया, जिस पर 354(ए) का नोटिस जारी किया गया। 18 मार्च को इस अवैध निर्माण पर तोड़क कार्रवाई की गई, लेकिन कार्रवाई के बाद भी निर्माण फिर से शुरू हो गया। इस पूरे मामले में सहायक अभियंता नवनीत जाधव ने फोन पर स्वीकार किया कि इसमें कनिष्ठ अभियंता टेम्भूरने और मुमदम की मिलीभगत है। सूत्रों के मुताबिक, मनपा मुख्यालय में ट्रांसफर हो चुके अभियंता टेंडर भरकर फिर से वही पदभार संभाल रहे हैं और मनपा में केवल लूट-खसोट का खेल चल रहा है। अवैध निर्माण के बावजूद सहायक आयुक्त व वरिष्ठ अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। जनता सवाल कर रही है कि जब 354(ए) का नोटिस जारी हुआ था, तो निर्माण दोबारा कैसे शुरू हुआ? क्या अमोल मेश्राम कान में तेल डालकर सो रहा है या विधाते के इशारे पर गांधीजी का बंदर बना हुआ है? मुंबई की जनता जानना चाहती है कि इन अवैध निर्माणकर्ताओं पर कठोर कार्रवाई कब होगी, या यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा?




