Saturday, March 21, 2026
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सहकार क्षेत्र के सशक्तिकरण के लिए नया कानून लाने की तैयारी: मुख्यमंत्री फडणवीस

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की है कि राज्य सरकार सहकारी क्षेत्र से संबंधित कानूनों में आवश्यक संशोधन के लिए एक विशेष समिति गठित करेगी। इस पहल का उद्देश्य सहकार क्षेत्र के सभी घटकों को न्यायपूर्ण और समयानुकूल विधिक ढांचा उपलब्ध कराना है। मुंबई के यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठान में आयोजित “सहकार क्षेत्र का सशक्तिकरण और राज्य सरकार की नीति” विषयक परिसंवाद में मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा सहकार कानून में समयानुसार परिवर्तन आवश्यक हैं। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी, सांसद शरद पवार, बैंक प्रशासक विद्याधर अनास्कर और दिलीप दिघे भी उपस्थित थे।
सहकार बैंकों की आधुनिकता और ऐतिहासिक विरासत पर ज़ोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारी बैंकों ने कोर बैंकिंग और तकनीकी सेवाओं को अपनाकर बैंकिंग क्षेत्र में मजबूती हासिल की है और ‘फिस्कल कंसोलिडेशन’ के दौर में भी जीवित रहे हैं। उन्होंने पुणे जिले के सुपे गांव में 12 मई 1875 को हुए सावकारों के विरोध को सहकारी आंदोलन की ऐतिहासिक शुरुआत बताया, जिसे आज 150 वर्ष पूरे हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केंद्र में पहली बार सहकार मंत्रालय की स्थापना से इस आंदोलन को नया बल मिला है। विश्व बैंक के सहयोग से 10,000 गांवों में सहकारी संस्थाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और उनके लिए एग्री बिजनेस मॉडल विकसित किए जा रहे हैं।
इथेनॉल नीति और गृहनिर्माण संस्थाओं पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारी शुगर मिलों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बनाए रखने हेतु इथेनॉल नीति और उपपदार्थ निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि मिलें किसानों के नियंत्रण में ही रहेंगी। उन्होंने सहकारी गृहनिर्माण संस्थाओं के लिए किए गए कानूनी प्रावधानों और स्व-पुनर्विकास योजनाओं की भी सराहना की।
उपमुख्यमंत्रियों की भूमिका और सुझाव
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सहकार क्षेत्र को भारत की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि NABARD के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीण मार्ट्स स्थापित हो रहे हैं और किसान क्रेडिट कार्ड व माइक्रो एटीएम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त हो रही है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक को सहकार आंदोलन के इतिहास पर एक रिपोर्ट तैयार करनी चाहिए। उन्होंने सहकारी बैंकों में लाभ होने पर बोर्ड सदस्यों को लाभ में हिस्सेदारी देने और संकट की स्थिति में कठोर कार्रवाई की बात कही।
नीतिगत समन्वय और भविष्य की दिशा
केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी ने कहा कि कंपनी कानून और सहकार कानून के बीच संतुलन साधते हुए महाराष्ट्र में नया सहकार कानून लाया जाना चाहिए ताकि आंदोलन पूरे देश में विस्तार पा सके।
सांसद शरद पवार ने सहकार आंदोलन की उत्पत्ति को सावकारी व्यवस्था के विकल्प के रूप में रेखांकित किया और कहा कि आज भी यह आम आदमी की आर्थिक स्थिति सुधारने का सशक्त माध्यम है। कार्यक्रम में महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक की आर्थिक रिपोर्ट का प्रकाशन भी किया गया। प्रशासक विद्याधर अनास्कर ने उद्घाटन भाषण और दिलीप दिघे ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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