Saturday, March 14, 2026
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2027 सिंहस्थ कुंभमेले की तैयारियां तेज, 22,181 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी

मुंबई। त्र्यंबक–नासिक में वर्ष 2027 में सिंहस्थ कुंभमेले का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इस कुंभमेले के माध्यम से यहां आने वाला हर श्रद्धालु भारत और महाराष्ट्र की छवि अपने साथ लेकर जाएगा, इसलिए इसका आयोजन ऐसा होना चाहिए जो विश्व को आकर्षित करे। यह निर्देश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिए।विधान भवन में मुख्यमंत्री फडणवीस की अध्यक्षता में आयोजित कुंभमेला शिखर समिति की बैठक में त्र्यंबक-नासिक सिंहस्थ कुंभमेले की तैयारियों से संबंधित 22 हजार 181 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। इसमें पहले चरण के 5,140 करोड़ रुपये और दूसरे चरण के 17,041 करोड़ रुपये के कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि कुंभमेले से जुड़े चल रहे या प्रस्तावित कार्यों में यदि कोई व्यक्ति दुर्भावना से या जानबूझकर देरी कराने का प्रयास करेगा, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। बैठक में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबळ, जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन, लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले, परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक, विधायक सीमा हिरे, विधायक देवयानी फरांदे, विधायक सरोज अहिरे, विधायक पंकज भुजबळ, माणिकराव कोकाटे, दिलीप बनकर, हिरामण खोसकर, राहुल ढिकले तथा नासिक की महापौर हिमगौरी आहेर उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निर्देश दिए कि कुंभमेले के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण का उचित मुआवजा किसानों को दिया जाए। नासिक रिंग रोड परियोजना में आने वाली बाधाओं को दूर करते हुए विशेष मामले के रूप में 50 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण पूरा होने के बाद सड़क निर्माण कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि कुंभमेले के दौरान स्वच्छता व्यवस्था अत्यंत महत्वपूर्ण होगी, इसलिए बनाए जाने वाले शौचालय उच्च गुणवत्ता के होने चाहिए। नासिक क्षेत्र के रेलवे स्टेशनों के बुनियादी ढांचे के विकास का कार्य रेलवे के माध्यम से शुरू किया जा रहा है और इसमें निफाड रेलवे स्टेशन को भी शामिल करने पर विचार किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभमेले में आने वाले श्रद्धालु शिर्डी और शनिशिंगणापुर भी अवश्य जाएंगे, इसलिए शिर्डी-नासिक सड़क मार्ग को विकसित किया जाना चाहिए। साथ ही श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए मजबूत मोबाइल नेटवर्क व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने द्वारका जंक्शन क्षेत्र में यातायात सुचारू रखने के लिए आसपास की सड़कों का एकीकृत विकास करने के निर्देश दिए। नए घाटों के निर्माण के लिए किसानों को उचित मुआवजा देने की विशेष व्यवस्था करने तथा त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त और नासिक में गोदावरी नदी के जल को कुंभमेले के दौरान स्वच्छ बनाए रखने के लिए विशेष सावधानी बरतने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नासिक के कालाराम मंदिर क्षेत्र में विकास कार्य करते समय यातायात बाधित न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। राम काल पथ परियोजना को गति दी जाए तथा शहर में ऑप्टिकल फाइबर केबल का काम शीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों की जांच कर नए सीसीटीवी लगाने के लिए उच्चस्तरीय समिति से मंजूरी ली जाए। अमृत स्नान के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए महाविद्यालय परिसरों को अस्थायी पार्किंग और पुलिस व्यवस्था के लिए उपयोग में लेने पर भी विचार किया जाए। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि नासिक शहर और आसपास के 2,000 से 4,000 युवाओं को कुंभमेले के लिए आवश्यक कौशल प्रशिक्षण देकर स्वयंसेवक के रूप में तैयार किया जाए। साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों को कुंभमेले से जोड़कर उनके लिए व्यवसायिक अवसर उपलब्ध कराने का मॉडल तैयार किया जाए। बैठक में नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभमेला प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह ने प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) मनीषा म्हैसकर, अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) संजय सेठी, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) ओ. पी. गुप्ता, विभागीय आयुक्त प्रवीण गेडाम, नासिक के जिलाधिकारी आयुष प्रसाद तथा मनपा आयुक्त मनीषा खत्री सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। इसके अलावा नासिक महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के आयुक्त जलज शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया।

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