
एमएसआरटीसी की वित्तीय परेशानियों के लिए टिकट रियायतों को ठहराया जिम्मेदार
मुंबई। महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन के भीतर शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के फैसलों को लेकर मतभेद जारी हैं। इसी बीच, राज्य के परिवहन मंत्री और शिवसेना नेता प्रताप सरनाईक ने महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) को हुए वित्तीय घाटे के लिए पिछली सरकार को दोषी ठहराया है। गुरुवार को धाराशिव में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, सरनाईक ने कहा कि महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को दी गई यात्रा रियायतों के कारण निगम को हर दिन 3 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल नई रियायतों पर विचार करना संभव नहीं है।
क्या कहा सरनाईक ने?
सरनाईक ने कहा, “महिलाओं को 50% छूट और वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई थी, जिससे MSRTC को भारी नुकसान हुआ। अगर ऐसी रियायतें जारी रहीं, तो निगम का संचालन मुश्किल हो जाएगा। फिलहाल, मैं इस मांग पर विचार नहीं कर सकता।” उन्होंने आगे कहा कि MSRTC को अपनी सेवाएं गाँवों तक विस्तारित करनी चाहिए और वह इस दिशा में कार्य करेंगे ताकि बसें नए क्षेत्रों को कवर कर सकें।
MSRTC का घाटा और संचालन
MSRTC 15,000 बसों का बेड़ा संचालित करता है और प्रतिदिन 55 लाख से अधिक यात्रियों को सेवा प्रदान करता है। यह न केवल महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों को जोड़ता है, बल्कि गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा और कर्नाटक जैसे पड़ोसी राज्यों में भी सेवाएं देता है। शिंदे सरकार द्वारा महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए टिकटों पर दी गई छूट को लेकर पहले से ही आर्थिक चिंताएँ थीं, क्योंकि MSRTC कई वर्षों से घाटे में था और कर्मचारियों के वेतन के लिए राज्य सरकार की वित्तीय सहायता पर निर्भर था। सरनाईक के इस बयान से संकेत मिलता है कि महायुति सरकार के भीतर ही शिंदे सरकार के कुछ फैसलों को लेकर असहमति बढ़ रही है।




