
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत और उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामलों में अब राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। शिवसेना नेता संजय राउत ने इन मामलों में बीजेपी पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया है कि पार्टी ने राजनीतिक लाभ के लिए इन मुद्दों को भुनाया और विरोधियों को बदनाम करने के लिए झूठे आरोप लगाए।
सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट और संजय राउत का पलटवार
सीबीआई ने हाल ही में सुशांत सिंह राजपूत मामले में क्लोजर रिपोर्ट दायर की, जिसमें कहा गया कि राजपूत की मौत में किसी के द्वारा आत्महत्या के लिए उकसाने के सबूत नहीं मिले। एजेंसी ने रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार को भी क्लीन चिट दे दी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने कहा, भाजपा अपने विरोधियों को बदनाम करने का कोई मौका नहीं छोड़ती। जांच एजेंसियों ने बार-बार इन मामलों को आत्महत्या करार दिया है, फिर भी भाजपा झूठे आरोपों को हवा दे रही है। अगर हम भाजपा के मामलों की जांच करेंगे, तो उनकी सच्चाई सामने आ जाएगी।
दिशा सालियान केस में नया मोड़
बॉम्बे हाईकोर्ट 2 अप्रैल को दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान की याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।
इसी बीच, भाजपा नेता नारायण राणे ने दावा किया कि उद्धव ठाकरे ने अपने सचिव मिलिंद नार्वेकर को निर्देश दिया था कि वे राणे से संपर्क करें और अनुरोध करें कि आदित्य ठाकरे का नाम दिशा सालियान मामले में न लिया जाए। इन आरोपों को खारिज करते हुए राउत ने कहा, “यह सरासर झूठ है। नार्वेकर ने किसी को फोन नहीं किया। दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को हुई थी, जब वे मुंबई की एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिर गई थीं। उस समय इसे आत्महत्या मानते हुए मुंबई पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) दर्ज की थी। इसके छह दिन बाद, 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत का शव उनके बांद्रा स्थित घर में मिला। इन दोनों घटनाओं ने पूरे देश में सनसनी फैला दी थी और सीबीआई ने सुशांत की मौत की जांच अपने हाथ में ले ली थी। 2023 में महाराष्ट्र सरकार ने दिशा सालियान मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। अब हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई इन मामलों में अहम मोड़ ला सकती है। इस बीच शिवसेना (यूबीटी) ने दिशा सालियान की मौत की सीबीआई जांच की मांग की है, और पार्टी ने आरोप लगाया है कि मुंबई की पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर ने दिशा के परिवार पर दबाव डाला था। इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और सभी की निगाहें हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।




