
नागपुर। पूर्व कृषि मंत्री धनंजय मुंडे, मंत्री पद से इस्तीफा देने के बावजूद पिछले पांच महीनों से सरकारी बंगले में रह रहे हैं। उन पर लगाया गया जुर्माना माफ कर दिया गया है, जबकि आम लोगों पर ओवरस्पीडिंग, गलत पार्किंग जैसे मामलों में जुर्माना वसूला जाता है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने खनिज उत्खनन मामले में एक बड़ी कंपनी पर लगाए गए 90 करोड़ रुपये के जुर्माने को घटाकर 17 करोड़ रुपये कर दिया। इस पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के महासचिव और विधायक रोहित पवार ने सरकार पर गरीबों और अमीरों के लिए अलग-अलग न्याय देने का आरोप लगाया। ‘मंडल यात्रा’ के सिलसिले में भंडारा जाने के लिए नागपुर आए रोहित पवार ने पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के आवास पर मीडिया से कहा, धनंजय मुंडे का मुंबई में घर है, फिर भी वे झूठ बोलकर सतपुड़ा स्थित सरकारी बंगला छोड़ने को तैयार नहीं हैं और सरकार उनका जुर्माना माफ कर देती है। वहीं अमीर कंपनियों के करोड़ों के जुर्माने कम कर दिए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मुंबई चुनाव को देखते हुए ‘मराठी-अमराठी’ का विवाद खड़ा कर रही है, जबकि राज्य और देश की असल समस्याएं जैसे बेरोज़गारी, महंगाई और किसान संकट को दरकिनार कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा जातिवाद, भाषावाद और धर्मवाद पर चुनाव लड़ने की नीति अपना रही है। इस बीच, नागपुर में प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार शाम 7 बजे वैरायटी चौक से महात्मा गांधी प्रतिमा तक ‘वोट चोर, कुर्सी छोड़ो’ नारे के साथ कैंडल मार्च निकालने की घोषणा की है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष और विधायक विकास ठाकरे के नेतृत्व में होने वाले इस मार्च में पूर्व मंत्री, विधायक, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे।




