
देवेश प्रताप सिंह राठौर
झांसी, उत्तर प्रदेश। मण्डलायुक्त श्री बिमल कुमार दुबे की अध्यक्षता में मण्डलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयुक्त सभागार में आयोजित की गई, जिसमें यातायात व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश जारी किए गए। मण्डलायुक्त ने स्पष्ट कहा कि सड़कों पर वाहनों की पार्किंग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं होगी, क्योंकि इससे यातायात बाधित होता है और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने निर्देश दिए कि शहर के सभी प्रमुख चौराहों के आसपास टेम्पो और ई-रिक्शा को कम से कम 100 मीटर दूर ही खड़ा किया जाए और इस व्यवस्था का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस को निर्देशित किया गया कि सड़क पर अवरोध उत्पन्न करने वाले वाहनों के खिलाफ नियमित रूप से चालान और जब्ती की कार्रवाई की जाए। साथ ही उद्घोषणा के माध्यम से वाहन चालकों को नियमों के प्रति जागरूक किया जाए। नगर निगम को निर्देश दिया गया कि सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े रेहड़ी-खोखे हटाए जाएं और वाहन मरम्मत की दुकानों के सामने इस तरह पार्किंग न हो जिससे सड़क बाधित हो। बस अड्डे के बाहर रोडवेज बसों द्वारा सवारी बैठाने के कारण जाम की स्थिति पर मण्डलायुक्त ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। राष्ट्रीय राजमार्गों और उनसे जुड़ी सड़कों पर दुर्घटनाएं रोकने के लिए रंबल स्ट्रिप बनाने तथा यू-टर्न प्वाइंट्स पर सुरक्षा उपाय लागू करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही बारकोड युक्त सूचना बोर्ड लगाने की बात कही गई, जिनमें नजदीकी अस्पतालों की जानकारी उपलब्ध हो ताकि दुर्घटना के समय तुरंत सहायता मिल सके। 1 अप्रैल से शुरू होने वाले स्कूली वाहनों के विशेष अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश देते हुए कहा गया कि सभी स्कूल वाहनों का पंजीकरण पोर्टल पर अनिवार्य रूप से किया जाए। इसके अलावा ब्लैक स्पॉट्स के सुधार कार्य को जल्द पूरा करने और सड़कों की मरम्मत तथा गड्ढों को भरने के निर्देश भी दिए गए। मण्डलायुक्त ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सभी विभागों को शासन के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही झांसी, ललितपुर और जालौन जिलों में ‘गुड सेमेरिटन (नेक इंसान) योजना’ के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए, ताकि दुर्घटना के समय लोगों को मदद के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
बैठक में पुलिस, परिवहन, नगर निगम, शिक्षा, स्वास्थ्य, पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और परिवहन संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित




