
मुंबई। जम्मू-कश्मीर के ‘लिटिल स्विट्जरलैंड’ कहे जाने वाले बैसरन क्षेत्र में मंगलवार को आतंकियों ने पर्यटकों पर भीषण हमला कर दिया। यह पहली बार है जब आतंकियों ने सीधे पर्यटकों को निशाना बनाया है। हमले में 28 पर्यटकों की मौत हो गई जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मृतकों में महाराष्ट्र के छह नागरिक शामिल हैं, वहीं चार घायल स्थानीय बताए गए हैं। हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है। इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
महाराष्ट्र सरकार की सहायता घोषणा
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मृतकों के परिजनों को पांच लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि श्रीनगर और कश्मीर के अन्य हिस्सों में फंसे महाराष्ट्र के पर्यटकों को विशेष विमान से वापस लाने की व्यवस्था की जा रही है, जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। फडणवीस ने कहा, महाराष्ट्र सरकार इस भयावह घटना में जान गंवाने वाले प्रत्येक परिवार के साथ खड़ी है। हम जल्द से जल्द सभी पर्यटकों को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
पीड़ितों के पार्थिव शरीर मुंबई-पुणे लाए गए
मंगलवार को डोंबिवली के तीन मृतकों के पार्थिव शरीर मुंबई लाए गए, जबकि दो अन्य पुणे पहुंचे। मुंबई हवाई अड्डे पर मंत्री आशीष शेलार और मंगल प्रभात लोढ़ा ने समन्वय किया, वहीं पुणे में सांसद मुरलीधर मोहोल और विधायक माधुरी मिसाल मौजूद रहीं।
गृह मंत्री का दौरा और आश्वासन
घटना के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी पहलगाम पहुंचे और शोकाकुल परिवारों से मुलाकात की। परिजनों के सामने शाह ने कहा, “इस हमले में जिन निर्दोषों की जान गई है, उनका दर्द शब्दों में नहीं बताया जा सकता। सरकार आतंकियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।




