
भूपेंद्र सिंह/ उन्नाव, उत्तर प्रदेश। इंदिरा गांधी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना के समापन दिवस पर प्रथम सत्र में स्वयंसेवकों ने जमुनिया बंगर गांव की समस्याओं को सुना तथा उनके निराकरण का आश्वासन भी दिया। कार्यक्रम का समापन मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर विष्णु मिश्रा तथा विशिष्ट अतिथि गांव के प्रधान कन्हैयालाल कुशवाह द्वारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना से किया गया। वंदना प्रतीक्षा पाल, अंजलि, रिमझिम, रानी लक्ष्मी बाई टीम ने प्रस्तुत की। प्राचार्य का स्वागत कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर धर्मेंद्र द्विवेदी ने किया। स्वागत गीत झांसी की रानी रोशनी, नैंसी, गुंजन ने प्रस्तुत किया। सात दिनों तक स्वयंसेवकों ने जो भी कार्य किया उसकी आख्या का कार्यक्रम अधिकारी ने वाचन किया। बीएससी की शगुन ने गीत प्रस्तुत किया नुक्कड़ नाटक झांसी की रानी टीम ने मानसिक तनाव पर प्रस्तुत किया। जिसमें एक बच्चे के मानसिक विचलन की घटना को प्रस्तुत किया। प्रतीक्षा पाल तथा संकल्प ने सात दिवसीय शिविर के अनुभवों को साझा किया। किरण बेदी टीम द्वारा नुक्कड़ नाटक साइबर सिक्योरिटी पर प्रस्तुत किया गया। नाटक के माध्यम से साइबर ठगी से बचने का संदेश नाटक द्वारा दिया गया। एकता दिवस, युवा दिवस, सड़क सुरक्षा पर भाषण, दौड़ स्लोगन, निबंध प्रतियोगिताएं कराई गई। विजेता छात्र-छात्राओं को मेडल एवं प्रमाण पत्र प्राचार्य द्वारा वितरित किए गए। अल्फा टीम द्वारा संकल्प गीत प्रस्तुत किया गया। धन्यवाद ज्ञापन डॉक्टर धर्मेंद्र कुमार द्विवेदी ने दिया तथा कार्यक्रम का सफल संचालन डॉक्टर रविराज वर्मा ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक डॉ दिग्विजय नरायन, डॉ सविता राजन, डॉ हरिओम दिवाकर, डॉ सुनीता निरंकारी, डॉ अभिषेक कुमार, डॉ अभय राजपूत, डॉ शैलजा त्रिपाठी, डॉ ब्रज किशोर गुप्ता व समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।




