
झोपड़पट्टीवासियों के शोषण के खिलाफ ‘जन आक्रोश मोर्चा’ – भारत मुक्ति मोर्चा व बहुजन झोपड़पट्टी मोर्चा का ऐलान
मुंबई। म्हाडा और एसआरए प्रोजेक्ट्स में हो रहे कथित भ्रष्टाचार और झोपड़पट्टीवासियों के शोषण के खिलाफ भारत मुक्ति मोर्चा– बहुजन झोपड़पट्टी मोर्चा ने राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वामन मेश्राम ने आरोप लगाया कि पुनर्विकास योजनाओं के नाम पर गरीबों को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। इसी के विरोध में 19 सितंबर 2025 को बांद्रा पूर्व स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर झोपड़ीधारक और स्थानीय निवासी धरना-प्रदर्शन करेंगे।
संगठन की प्रमुख माँगें
- भारत एकता को-ऑप. हाउसिंग सोसायटी और बसेरा को-ऑप. हाउसिंग सोसायटी के एसआरए प्रोजेक्ट्स की SIT जांच की जाए।
- सभी अवैध प्रोजेक्ट्स पर कानूनी कार्रवाई हो और नियमविरुद्ध विकास कार्य तुरंत रोके जाएँ।
- पात्र झोपड़पट्टीवासियों को ही पुनर्विकास के तहत नए मकान दिए जाएँ।
- अपात्र घोषित कर अन्याय किए गए परिवारों को न्याय दिलाया जाए।
- विकासकों की अनियमितताओं पर रोक लगाकर जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
- जिन प्रोजेक्ट्स में गड़बड़ी है, उन्हें एसआरए से हटाकर म्हाडा या अन्य सरकारी संस्थाओं को सौंपा जाए।
- एसआरए द्वारा जारी किए गए सभी विवादित नोटिस वापस लिए जाएँ।
वामन मेश्राम ने साफ़ कहा कि निकलो बाहर मकानों से, जंग लड़ो बेईमानों से” यह सिर्फ़ नारा नहीं, बल्कि झोपड़पट्टीवासियों की न्याय की लड़ाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार गरीबों की आवाज़ नहीं सुनेगी, यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा।




