
मुंबई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अनधिकृत विदेशी मुद्रा ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म ऑक्टाएफएक्स (OctaFX) के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 131.45 करोड़ रुपए की संपत्तियों को धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत अनंतिम रूप से कुर्क किया है। इन संपत्तियों में स्पेन स्थित दो लक्ज़री विला, एक इटालियन वाणिज्यिक नौका (यॉट), एक मिनी जेट नाव और एक हाई-एंड प्रीमियम कार शामिल है, जो कथित तौर पर ऑक्टाएफएक्स के कथित मास्टरमाइंड पावेल प्रोजोरोव से जुड़ी हैं। ईडी के अनुसार, प्रोजोरोव ने भारत में नकली ई-कॉमर्स कंपनियों, फर्जी केवाईसी दस्तावेज़ों और डमी निदेशकों के माध्यम से निवेशकों से धन एकत्र किया और शेल कंपनियों व जटिल लेनदेन नेटवर्क के जरिए उसे विदेश भेजा। ये फंड स्पेन, रूस, एस्टोनिया, हांगकांग, सिंगापुर, यूएई और यूके जैसे देशों में ट्रांसफर किए गए। ऑक्टाएफएक्स पर आरोप है कि उसने बिना आरबीआई की अनुमति के भारत में विदेशी मुद्रा ट्रेडिंग की, सोशल मीडिया, आईपीएल प्रायोजन और सेलिब्रिटी प्रचार के ज़रिए अपने प्लेटफॉर्म को बढ़ावा दिया और निवेशकों को आकर्षित किया। जांच में सामने आया कि यह प्लेटफॉर्म फर्जी ट्रेडिंग डेटा, डोमेन में बदलाव और छद्म ई-वॉलेट्स के माध्यम से निवेशकों को भ्रमित करता रहा और ट्रेडों में हेराफेरी की। ईडी का अनुमान है कि OctaFX ने भारत में केवल नौ महीनों में 800 करोड़ रुपए की आपराधिक आय अर्जित की, जिसे प्रोजोरोव की नियंत्रित विदेशी कंपनियों को “सेवाओं के आयात” के नाम पर भेजा गया। दूसरी ओर, OctaFX ग्लोबल ने फ्री प्रेस जर्नल से बातचीत में सभी आरोपों से इनकार किया है और पावेल प्रोजोरोव से किसी भी तरह के संबंध को नकारते हुए कहा है कि स्पेन में कुर्क की गई संपत्तियों से उनका कोई लेना-देना नहीं है और न ही उन्हें स्पेन की सरकार से कोई कानूनी सूचना प्राप्त हुई है। ईडी की यह कार्रवाई अनधिकृत विदेशी मुद्रा लेनदेन, हवाला नेटवर्क और वित्तीय अपराधों के खिलाफ केंद्र सरकार के बढ़ते शिकंजे की अहम कड़ी मानी जा रही है।




