
मुंबई। राज्य सरकार अब शहरी क्षेत्रों में भी कुपोषण कम करने के लिए पोषण योजना लागू करेगी। महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने विधान परिषद में यह जानकारी दी। मंत्री तटकरे ने यह घोषणा सदस्य चित्रा वाघ द्वारा उठाए गए प्रश्न का उत्तर देते हुए की। उन्होंने बताया कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कुपोषित माताओं और बच्चों को संतुलित आहार उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार की डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम अमृत आहार योजना लागू की गई है, जिससे इन क्षेत्रों में कुपोषण कम हुआ है। आदिवासी विकास विभाग को इस योजना के तहत भोजन के लिए धनराशि बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा जाएगा। मंत्री तटकरे ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि राज्य में प्रत्येक गर्भवती महिला, शिशु और स्तनपान कराने वाली मां को संतुलित आहार मिले। पोषण योजना के तहत दिए जाने वाले भोजन की समय-समय पर जांच की जाती है। यदि निरीक्षण के दौरान भोजन में कोई खामी पाई जाती है, तो उसे वापस भेज दिया जाता है। मंत्री तटकरे ने आश्वासन दिया कि कुपोषित बच्चों और माताओं को पर्याप्त भोजन उपलब्ध कराने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।




