
मुंबई। पुणे महानगर परिवहन महामंडल (पीएमपीएमएल) की बस खरीद और निविदा प्रक्रिया को लेकर कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, हालांकि विधायकों द्वारा उठाए गए संदेहों के मद्देनजर इसकी जांच कराई जाएगी। यह जानकारी सोमवार को उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत ने विधान परिषद में दी। यह मुद्दा सदस्य सुनील शिंदे द्वारा उठाया गया, जिस पर चर्चा के दौरान अमित गोरखे और विक्रम काळे ने भी भाग लिया। मंत्री सामंत ने बताया कि बस खरीद और निविदा प्रक्रिया से संबंधित बैठक में पुणे और पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिकाओं के आयुक्त, पीएमपीएमएल के प्रबंध निदेशक, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी तथा सीआयआरटी के प्रतिनिधि शामिल थे। पूरी प्रक्रिया नियमानुसार प्रस्ताव और स्वीकृति के आधार पर पूरी की गई है, केवल बैठक तात्कालिक रूप से आयोजित की गई थी। उठी शंकाओं के आधार पर अब इसकी जांच की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। पुणे में जहां 25 प्रतिशत इलेक्ट्रिक बसों का लक्ष्य था, वहां वर्तमान में 27 प्रतिशत बसें संचालित हो रही हैं। मुंबई, नागपुर, नाशिक, अमरावती और छत्रपति संभाजीनगर सहित अन्य प्रमुख शहरों में भी इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाकर सार्वजनिक परिवहन को अधिक सक्षम और पर्यावरण हितैषी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
पीएम ई-बस योजना के तहत 150 बसें मंजूर, चालक-वाहकों को दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण
नागपुर शहर में पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत 150 बसों को मंजूरी दी गई है और इनके संचालन के लिए चालक एवं वाहकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह जानकारी उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत ने विधान परिषद में दी। यह प्रश्न सदस्य अमित गोरखे द्वारा उठाया गया था। मंत्री सामंत ने बताया कि इस प्रशिक्षण को मुंबई उच्च न्यायालय के नागपुर खंडपीठ के निर्देशानुसार आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ई-बस सेवा को प्राथमिकता दे रही है। पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत राज्य की 22 नगरपालिकाओं के लिए कुल 1559 बसें मंजूर की गई हैं, जिनमें से 150 बसें नागपुर के लिए निर्धारित हैं। इन बसों को जल्द शुरू करने की प्रक्रिया जारी है, जिससे शहर में पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।




