
मुंबई। महाराष्ट्र में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक नाना पटोले ने राज्य सरकार और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने सरकार पर भ्रष्टाचार को संरक्षण देने, कानून व्यवस्था की अनदेखी करने और राज्य में सांप्रदायिक हिंसा भड़काने का आरोप लगाया।
बीजेपी को बताया भ्रष्टाचारियों की ‘वाशिंग मशीन’
पटोले ने अपने भाषण में बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि यह पार्टी भ्रष्टाचारियों के लिए एक ‘वाशिंग मशीन’ की तरह काम करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी भ्रष्ट लोगों को अपने खेमे में शामिल कर उन्हें पाक-साफ कर देती है। उन्होंने कहा, “यह देश का दुखद सच है कि जो लोग भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे होते हैं, वे बीजेपी में शामिल होते ही बेदाग हो जाते हैं।”
बदलापुर रेप केस में पुलिस पर लीपापोती का आरोप
राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पटोले ने बदलापुर रेप मामले का जिक्र किया, जहां एक 5 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ था। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में बीजेपी से जुड़े कुछ लोग शामिल थे और मुख्य आरोपी अक्षय शिंदे को पुलिस ने एनकाउंटर में मारकर मामले को दबाने की कोशिश की। पटोले ने कहा, “हाई कोर्ट ने इस एनकाउंटर की जांच के आदेश दिए थे, लेकिन सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री इस मामले में जवाबदेह हैं।
नागपुर हिंसा को बताया सरकार की साजिश
पटोले ने नागपुर में हुई सांप्रदायिक हिंसा के लिए भी राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कार्यकर्ताओं ने औरंगजेब की समाधि को अपवित्र कर मुस्लिम समुदाय की धार्मिक चादर को जलाया, जिससे हिंसा भड़क उठी। उनका आरोप था कि अगर पुलिस ने समय रहते इस घटना को रोका होता, तो दंगा नहीं होता। उन्होंने कहा, “नागपुर की हिंसा सरकार द्वारा प्रायोजित थी और इसे जानबूझकर भड़काया गया।”
पटोले ने राज्य सरकार पर एक पिछड़ी जाति के कानून छात्र की मौत में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की क्रूरता के चलते छात्र की मौत हुई और सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।
बीजेपी नेताओं के बयानों में विरोधाभास
पटोले ने बीजेपी नेताओं के बयानों में विरोधाभास की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा, “नागपुर के बीजेपी विधायक प्रवीण दटके और पुलिस कमिश्नर कह रहे हैं कि हिंसा पूर्व नियोजित नहीं थी, जबकि मुख्यमंत्री का कहना है कि यह हिंसा सुनियोजित थी। इससे साफ है कि सरकार सच छिपा रही है।”
राज्य में बढ़ी सियासी हलचल
पटोले के इन आरोपों के बाद महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस नेताओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और विधानसभा में इस मुद्दे को उठाने की बात कही है। वहीं, बीजेपी ने अब तक इन आरोपों पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा में जोरशोर से उठने की संभावना है और सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।




