
मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन (17 सितंबर) से महाराष्ट्र में राज्यव्यापी ‘नमो नेत्र संजीवनी आरोग्य अभियान’ की शुरुआत होगी, जो महात्मा गांधी जयंती (2 अक्टूबर) तक चलेगा। इस अभियान का लक्ष्य दस लाख से अधिक नागरिकों को निःशुल्क नेत्र जाँच, शल्य चिकित्सा और दवाइयाँ उपलब्ध कराना है। विशेष रूप से मोतियाबिंद के रोगियों को सर्जरी के बाद मुफ्त चश्मे दिए जाएँगे, जबकि ग्लूकोमा और अन्य नेत्र रोगों का निःशुल्क निदान व उपचार किया जाएगा।
गाँव-गाँव में नेत्र शिविर
अभियान के तहत राज्य के सभी 36 जिलों में तालुका और ग्राम स्तर पर शिविर आयोजित होंगे। इनसे गाँवों, बस्तियों, पाड़ों और दूरदराज़ के क्षेत्रों के नागरिक सीधे लाभान्वित होंगे। जिन मरीजों को ऑपरेशन की आवश्यकता होगी, उन्हें जिला अस्पतालों और संबद्ध चिकित्सा संस्थानों में निःशुल्क सर्जरी व दवा उपलब्ध कराई जाएगी।
संयुक्त प्रयासों से व्यापक पहल
इस योजना में महाराष्ट्र स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, लोक स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, चिकित्सा शिक्षा विभाग, नगर पालिका, भारतीय चिकित्सा संघ, महाराष्ट्र आयुर्विज्ञान परिषद, महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना, मुख्यमंत्री सहायता कोष, धर्मार्थ अस्पताल हेल्प डेस्क, ईएसआईसी अस्पतालों और निजी नेत्र संस्थानों की भागीदारी होगी।
ज़रूरतमंदों को बड़ी राहत
नेत्र उपचार का खर्च वहन करने में असमर्थ गरीब और वंचित वर्ग के लिए यह अभियान बड़ी राहत साबित होगा। ग्रामीण क्षेत्रों के बुजुर्गों, किसानों, मजदूरों और वरिष्ठ नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री सहायता कोष और धर्मार्थ अस्पताल सहायता डेस्क के प्रमुख रामेश्वर नायक ने जरूरतमंद मरीजों से इस शिविर का लाभ उठाने की अपील की है।




