
नागपुर। नागपुर में भड़की हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता माने जा रहे फहीम शमीम खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल, वह 21 मार्च तक पुलिस हिरासत में रहेगा। इस हिंसा में कई पुलिस अधिकारी घायल हुए थे। टकराव की वजह अफवाहें बताई जा रही हैं कि विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल द्वारा औरंगजेब की कब्र के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान कुरान की एक प्रति जला दी गई थी। इस घटना के बाद नागपुर के गणेश पेठ क्षेत्र में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं, जिसमें कई वाहन और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं। दोनों समुदायों के बीच पथराव हुआ, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया। नागपुर पुलिस ने हिंसा भड़काने के आरोप में माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी (MDP) के शहर अध्यक्ष फहीम खान सहित 51 व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपों में साजिश, छेड़छाड़ और दुराचार शामिल हैं। वहीं औरंगजेब की कब्र को ध्वस्त करने की बढ़ती मांग के बीच शिवसेना (यूबीटी) ने बुधवार को भाजपा पर हमला करते हुए दावा किया कि सत्तारूढ़ पार्टी मुगल सम्राट को छत्रपति शिवाजी महाराज से ज्यादा महत्वपूर्ण मानती है। साथ ही इसने कहा कि केंद्र को दंगों को रोकने और राज्य में कट्टरपंथियों के गुस्से को शांत करने के लिए छत्रपति संभाजीनगर में स्थित औरंगजेब की समाधि को संरक्षित स्मारक का दर्जा हटा देना चाहिए। आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बुधवार को कहा कि हिंसा का कोई भी रूप समाज की भलाई के लिए हानिकारक है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि 17वीं सदी के मुगल बादशाह औरंगजेब की आज के दौर में कोई वैल्यू नहीं रही।
कौन है फहीम खान?
पुलिस जांच में फहीम खान को दंगों के पीछे मुख्य साजिशकर्ता के रूप में पहचाना गया है। फहीम खान माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी (MDP) के नेता हैं और उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में नागपुर निर्वाचन क्षेत्र से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ चुनाव लड़ा था, हालांकि वे 6.5 लाख से अधिक वोटों के अंतर से हार गए थे। फिलहाल, पुलिस पथराव की शुरुआत, भीड़ जुटने और दंगों के दौरान महिला पुलिस अधिकारियों के कथित यौन उत्पीड़न की जांच कर रही है।




