
मुंबई। मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल (एईसी) ने नागपाड़ा में 2015 में हुई रियाज हुसैन अब्दुल कुरैशी की हत्या के मामले में 10 साल से फरार चल रहे इमरान साबिर शेख को गिरफ्तार कर लिया है। शेख को गुजरात के मेहसाणा से पकड़ा गया, जहां वह फर्जी पहचान के साथ रह रहा था। 15 अप्रैल 2015 को नागपाड़ा इलाके में 44 वर्षीय रियाज कुरैशी की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। उसे धारदार हथियार से गोदा गया था और गला रेतकर मौत के घाट उतार दिया गया था। इस घटना के बाद नागपाड़ा पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या), 397 (डकैती) और 120 (बी) (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान शेख के दो साथियों, मोहम्मद वसीम अकरम शेख और साजिद अली आशिक अली चौधरी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। लेकिन मुख्य आरोपी इमरान शेख पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। हाल ही में क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि इमरान शेख गुजरात के मेहसाणा में छिपा हुआ है। तकनीकी निगरानी के जरिए उसकी लोकेशन की पुष्टि की गई। इसके बाद एईसी की टीम ने छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि शेख फर्जी पहचान “मोहम्मद राहील मोहम्मद साबिर शेख” के नाम से रह रहा था। शेख को गिरफ्तार करने के बाद मुंबई लाया गया और नागपाड़ा पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या फरार रहने के दौरान शेख ने कोई और अपराध किए थे। इस बड़ी सफलता के बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने राहत की सांस ली है, क्योंकि 10 साल से चली आ रही इस जांच में अब मुख्य आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच गया है।




