पर्यावरण संरक्षण ‘ईश्वरीय सेवा’: आचार्य देवव्रत
मुंबई। पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘माझी वसुंधरा’ अभियान के माध्यम से राज्य में चल रहा कार्य अत्यंत सराहनीय है और अब यह अभियान जनआंदोलन का रूप ले रहा है। भावी पीढ़ियों के स्वस्थ भविष्य के लिए जनसहभाग से किया जा रहा यह प्रयास ईश्वरीय सेवा के समान है। यह उद्गार महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने व्यक्त किए। शनिवार को वरली स्थित एनएससीआई डोम, सरदार वल्लभभाई पटेल स्टेडियम में पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा आयोजित ‘माझी वसुंधरा’ राज्यस्तरीय सम्मान समारोह में राज्यपाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समारोह में ‘माझी वसुंधरा मिशन 4.0’ और ‘5.0’ के अंतर्गत राज्यस्तरीय पुरस्कार वितरित किए गए।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का आह्वान
राज्यपाल ने रासायनिक खेती और जलवायु परिवर्तन को मानव स्वास्थ्य के लिए घातक बताते हुए अभियान को कृषि क्षेत्र से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने और पर्यावरण संरक्षण को विकास नीति के केंद्र में रखने की अपील की। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए पंचसूत्री सुझाव भी प्रस्तुत किए। इसमें प्रत्येक विकास परियोजना में ‘ग्रीन ऑडिट’ अनिवार्य करने, स्थानीय निकायों द्वारा ‘ग्रीन बजट’ तैयार करने, कचरा प्रबंधन, सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने, पर्यावरण शिक्षा को बढ़ावा देने तथा प्रत्येक नागरिक को “क्लाइमेट वॉरियर” बनाने की बात शामिल है। साथ ही वृक्षारोपण और जलसंचयन की रियल-टाइम निगरानी के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
‘माझी वसुंधरा’ जनआंदोलन बने : सुनेत्रा पवार
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कहा कि पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि और आकाश जैसे पंचतत्वों का संरक्षण हमारी संस्कृति और कर्तव्य दोनों है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के संकट के बीच वृक्षारोपण, ठोस कचरा प्रबंधन और जलसंचयन जैसे कार्य अत्यंत प्रशंसनीय हैं। उन्होंने इस अभियान को व्यापक जनआंदोलन का रूप देने की आवश्यकता पर बल दिया।
शाश्वत विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध : पंकजा मुंडे
पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने कहा कि महाराष्ट्र का विकास पर्यावरण के अनुकूल और दीर्घकालिक दृष्टिकोण पर आधारित होना चाहिए। सरकार नियोजित कार्यप्रणाली, संस्थागत मजबूती और जनसहभाग के माध्यम से शाश्वत विकास द्वारा सक्षम महाराष्ट्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि ‘माझी वसुंधरा’ अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का विषय व्यवहारिक स्तर पर उतरा है और आगे जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अभियान के अगले चरण में शामिल किया जाएगा।
नागरिकों की सहभागिता जरूरी : राहुल नार्वेकर
विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी है। प्राकृतिक संसाधन हमें विरासत में मिले हैं और उन्हें सुरक्षित रूप से अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में ‘माझी वसुंधरा’ अभियान पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। साथ ही अभियान की सफलता की कहानियों पर आधारित ‘कॉफी टेबल बुक’ और ‘द क्लाइमेट चेंज लेक्सिकॉन’ (मराठी-अंग्रेजी पर्यावरण शब्दकोश) का भी विमोचन किया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत, नगर परिषद और नगर पंचायत श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली कई स्थानीय स्वशासी संस्थाओं और अधिकारियों को राज्यस्तरीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।





