
मुंबई। समय प्रबंधन और अनुशासन के लिए दुनियाभर में मशहूर मुंबई के डब्बावाले अगले छह दिनों के लिए छुट्टी पर जा रहे हैं। यह पहली बार नहीं है जब उनकी अनुपस्थिति से मुंबई की वर्किंग क्लास को घर के बने खाने से वंचित होना पड़ेगा, लेकिन इस बार छुट्टियों की श्रृंखला के चलते छह दिन तक डब्बा सेवा बंद रहेगी। मुंबई में फिलहाल करीब 1200 से 1500 डब्बावाले सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। ये डब्बावाले रोजाना लाखों लोगों के घर से ऑफिस तक खाना पहुंचाने की जिम्मेदारी बखूबी निभाते हैं। समयबद्ध, सटीक और अनुशासित डिलीवरी सिस्टम के कारण इनका काम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया है। मुंबई डब्बावाला एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष तालेकर ने बताया कि डब्बावाले 9 अप्रैल से 14 अप्रैल तक छुट्टी पर रहेंगे। इन छह दिनों में रविवार के अलावा महावीर जयंती, हनुमान जयंती और डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर जयंती जैसी प्रमुख छुट्टियां शामिल हैं। डब्बावाले 15 अप्रैल से पुनः काम पर लौट आएंगे। यह छुट्टी चैत्र पूर्णिमा यात्रा के चलते ली जा रही है, जो 9 अप्रैल से शुरू हो रही है। तालेकर ने बताया कि मुंबई में काम करने वाले 95 से 99 प्रतिशत डब्बावाले पुणे जिले से आते हैं और इस धार्मिक यात्रा में भाग लेते हैं।
मुंबई के लिए एक असाधारण सेवा
मुंबई के डब्बावाले भले ही तकनीक का उपयोग सीमित करते हों, लेकिन उनका नेटवर्क इतना मजबूत और विश्वसनीय है कि हावर्ड और आईआईएम जैसे संस्थानों में उनके काम को केस स्टडी के रूप में पढ़ाया गया है। हालांकि उनकी अनुपस्थिति कुछ दिनों तक वर्किंग क्लास के लिए एक असुविधा जरूर पैदा करेगी, लेकिन उनकी धार्मिक आस्था और पारंपरिक मान्यताओं के लिए यह छुट्टी भी उतनी ही अहम है।




