
मुंबई। एक हाई-प्रोफाइल साइबर धोखाधड़ी मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए, मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट 3 ने असम के मोरीगांव जिले से पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई आज़ाद मैदान पुलिस स्टेशन में दर्ज उस मामले के बाद की गई है, जिसमें HSBC बैंक से जाली दस्तावेजों के माध्यम से नकली क्रेडिट कार्ड हासिल कर ₹1.26 करोड़ की धोखाधड़ी की गई थी। HSBC बैंक के उपाध्यक्ष (वित्तीय अपराध जाँच) नयन चंद्रकांत भागदेव द्वारा दर्ज की गई शिकायत के अनुसार, 23 फरवरी से 20 जून, 2024 के बीच 55 से अधिक व्यक्तियों ने जाली पैन कार्ड और अन्य दस्तावेजों के माध्यम से फर्जी पहचान बनाकर क्रेडिट कार्ड प्राप्त किए। इन क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल ऑनलाइन खरीदारी करने और फर्जी बैंक खातों में धन स्थानांतरित करने के लिए किया गया। जाँच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने उच्च CIBIL स्कोर वाले व्यक्तियों की व्यक्तिगत जानकारी जुटाकर उनके नाम पर आधार और अन्य दस्तावेज बनवाए। इन्हीं दस्तावेजों का उपयोग कर विभिन्न बैंकों से क्रेडिट कार्ड और ऋण प्राप्त किए गए। डीसीपी (क्राइम ब्रांच) दत्ता नलवाडे के निर्देश और यूनिट 3 के इंस्पेक्टर सदानंद येरेकर के मार्गदर्शन में इंस्पेक्टर शामराव पाटिल की टीम ने मोबाइल नंबर, बैंक स्टेटमेंट और ट्रांजेक्शन हिस्ट्री का विश्लेषण कर मुख्य आरोपियों की पहचान की। 17 अप्रैल, 2025 को पुलिस टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में मोरीगांव के संवेदनशील इलाकों में अभियान चलाकर पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहेबुर अब्दुल रहमान (28), अजहरुल सादिकुल इस्लाम (27), इलियास रफीकुल इस्लाम (25), अबू बकर सिद्दीकी रमजान अली (37), और मोहिमुद्दीन अहमद अब्दुल मलिक (26) के रूप में हुई है।प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने इसी तरह के फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए आदित्य बिड़ला फाइनेंस, एक्सिस बैंक और एलएंडटी फाइनेंस से करोड़ों रुपये के ऋण भी धोखाधड़ी से हासिल किए थे। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।




