
जल, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर ठोस कार्ययोजना पर जोर
मालेगांव। जनसंख्या की दृष्टि से बड़े और विविध समस्याओं से जूझ रहे मालेगांव शहर को केवल घोषणाओं के बजाय ठोस योजना और प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से सांसद डॉ. शोभा बच्छाव ने महानगरपालिका, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के साथ एक स्वतंत्र और गहन समीक्षा बैठक आयोजित की। बुधवार को शासकीय विश्राम गृह में हुई इस बैठक में कागजी प्रस्तुतियों तक सीमित न रहते हुए जमीनी स्तर पर आ रही समस्याओं, निधि के अभाव में रुके विकास कार्यों और प्रशासनिक समन्वय की कमियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मनपा आयुक्त एवं प्रशासक रवींद्र जाधव, अपर पुलिस अधीक्षक तेगबीर सिंह संधू, तहसीलदार विशाल सोनवणे, पुलिस उपअधीक्षक दर्शन दुग्गड, उपायुक्त रोहिदास दोरकुलकर, शहर अभियंता कैलास बच्छाव सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। समीक्षा के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि मालेगांव की मूलभूत आवश्यकताओं- जलापूर्ति, स्वच्छता, सड़क, स्वास्थ्य और आवास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। अमृत-1 और अमृत-2 योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत चल रहे और लंबित कार्यों की समीक्षा करते हुए सांसद ने निर्देश दिए कि इन योजनाओं का वास्तविक लाभ आम नागरिकों तक पहुँचना चाहिए।
नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तात्कालिक उपाय अपनाने और लंबित निधि के लिए राज्य व केंद्र सरकार से प्रभावी पाठपुरावा करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। इसके साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे सामाजिक विकास के प्रमुख स्तंभों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। शहर के विद्यालयों की जर्जर स्थिति, मरम्मत की आवश्यकता, शौचालयों की उपलब्धता और अस्पतालों में अपर्याप्त सुविधाओं पर खुलकर चर्चा हुई। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने, प्रस्तावित कैंसर अस्पताल, तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया, जो शहर के दीर्घकालीन विकास की दिशा को दर्शाता है। भौतिक विकास के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन को समृद्ध करने के उद्देश्य से खेल संकुल, नाना-नानी पार्क, उद्यान विकास, महिला बाजार और पुस्तकालय जैसे प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया गया। पुलिस प्रशासन के साथ हुई चर्चा में यातायात व्यवस्था सुधार, सीसीटीवी प्रणाली के विस्तार, नए पुलिस थानों की आवश्यकता और स्वतंत्र पुलिस आयुक्तालय जैसे अहम मुद्दों पर मंथन हुआ। बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं, जिला प्रशासन, पुलिस तंत्र तथा राज्य और केंद्र सरकार के बीच प्रभावी समन्वय से ही विकास कार्यों को गति मिल सकती है। सांसद डॉ. शोभा बच्छाव द्वारा प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करने और जमीनी समस्याओं पर सीधे ध्यान केंद्रित करने के इस प्रयास से मालेगांव के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।




