
मुंबई। राज्य में मत्स्य व्यवसाय को देश में अग्रणी बनाने के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया है। नितेश राणे ने कहा कि विभिन्न योजनाओं और पहलों के माध्यम से महाराष्ट्र को मत्स्य व्यवसाय में नंबर वन राज्य बनाया जाएगा। गुरुवार को वर्सोवा स्थित केंद्रीय मत्स्य शिक्षा संस्थान में आयोजित कार्यशाला में मंत्री राणे ने ‘मुख्यमंत्री मत्स्यसंपदा योजना’, मत्स्य व्यवसाय को कृषि के समान दर्जा देने और केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर अधिकारियों को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि मत्स्य व्यवसाय को कृषि का दर्जा देने वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य है। इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं, जिनका लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाना जरूरी है। इसके लिए अधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। मंत्री राणे ने निर्देश दिए कि योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए जिला स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएं और सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग किया जाए, ताकि अधिक से अधिक मछुआरे और संबंधित लाभार्थी इन योजनाओं से जुड़ सकें। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने मत्स्य व्यवसाय क्षेत्र के लिए पर्याप्त निधि उपलब्ध कराई है और भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी महाराष्ट्र एक मॉडल के रूप में सामने आए, इसके लिए विभाग को टीमवर्क के साथ काम करना होगा। उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को सम्मानित भी किया जाएगा। इस अवसर पर विभाग के सचिव डॉ. एन. रामास्वामी ने बताया कि उत्पादकता बढ़ाने के लिए राज्य और जिला स्तर पर 28 योजनाएं चलाई जा रही हैं। योजनाओं को क्लस्टर आधारित तरीके से लागू किया जाएगा, जिससे उत्पादन में वृद्धि होगी। वहीं, मत्स्य व्यवसाय आयुक्त प्रेरणा देशभ्रतार ने कहा कि अर्थव्यवस्था में मत्स्य क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है और योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।




