
मुंबई। मत्स्य पालन और बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने निर्देश दिया है कि मत्स्य पालन विभाग की विभिन्न योजनाओं को एकीकृत करके यवतमाल जिले में मीठे पानी में मछली उत्पादन का एक आदर्श मॉडल तैयार किया जाए। सोमवार को मंत्रालय में यवतमाल जिले में मछली संरक्षण और मछली पकड़ने के लिए बुनियादी ढांचे की स्थापना को लेकर बैठक आयोजित की गई, जिसमें मंत्री राणे ने यह निर्देश दिए। बैठक में पूर्व विधायक मदन येरावार, आयुक्त किशोर तावड़े और संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री राणे ने कहा कि यवतमाल जिले के लिए तैयार किया जाने वाला यह मॉडल पूरे राज्य के लिए एक उदाहरण बनेगा और आगे चलकर इसे महाराष्ट्र के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि मत्स्य पालन के विकास के लिए आवश्यक सभी अनुमतियाँ बिना विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि मछुआरों को किसी भी प्रकार की समस्या या अड़चन का सामना न करना पड़े। मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य न केवल उत्पादन बढ़ाना है, बल्कि मछुआरों की आय और जीवन स्तर में सुधार लाना भी है।




