
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मुंबई को झोपड़पट्टी मुक्त, अवैध निर्माण मुक्त तथा आम लोगों को सस्ता घर उपलब्ध कराने के लक्ष्य को वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं म्हाडा मुंबई मंडल के मुख्य अधिकारी मिलिंद बोरिकर पूरी सक्रियता, पारदर्शिता और सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में मुंबई में म्हाडा के भूखंडों पर बसे लोगों के पुनर्विकास, अधूरी परियोजनाओं को गति देने तथा मुंबईकरों को किफायती और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकास कार्य तेज़ी से संचालित किए जा रहे हैं। विभागीय स्तर पर योजनाओं की नियमित समीक्षा, फाइलों के त्वरित निस्तारण और लंबित मामलों के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बताया जाता है कि जब भी कोई शिकायत श्री बोरिकर तक पहुंचती है, तो उसके निवारण अथवा आवश्यक कार्रवाई में तत्परता दिखाई जाती है। अवैध निर्माण, भूखंडों पर अतिक्रमण और नियमों के उल्लंघन जैसे मामलों में भी सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसका ताजा उदाहरण सोमवार को सामने आया, जब ‘स्वर्णिम प्रदेश’ ने सोमवार के अंक में सांताक्रूज पूर्व आनंद नगर में हुए अवैध निर्माण के संदर्भ में खबर प्रकाशित की। जिसपर श्री बोरिकर ने संज्ञान लिया और त्वरित उस अवैध निर्माण और संबंधित निर्माणकर्ता को एमआरटीपी एक्ट के तहत नोटिस जारी की गई। यह नोटिस पदनिर्देशित अधिकारी सागर वीर द्वारा जारी की गई, जो पूर्व में लंबित बताई जा रही थी। जैसे ही श्री बोरिकर को मामले की जानकारी हुई, उन्होंने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। बता दें कि श्री बोरिकर के नेतृत्व में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए निगरानी तंत्र को भी मजबूत किया जा रहा है, ताकि मुंबई में विकास कार्यों को गति मिले और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। प्रशासनिक स्तर पर यह प्रयास किया जा रहा है कि विकास और कानून व्यवस्था—दोनों में संतुलन बनाए रखते हुए आम नागरिकों के हितों की रक्षा की जाए।




