
मुंबई। मराठा नेता मनोज जरांगे पाटिल भारी बारिश के बीच मुंबई में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनके इस अनशन को लेकर विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महागठबंधन सरकार पर मराठा आरक्षण मुद्दे को लेकर निशाना साधा। इसके जवाब में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जरांगे के धरने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष को कड़ी चेतावनी दी।
सकारात्मक हैं लेकिन समाधान संविधान संगत होना चाहिए
मुख्यमंत्री ने कहा- हम मराठा आंदोलन को लेकर सकारात्मक हैं। इसके लिए एक कैबिनेट उप-समिति बनाई गई है, जिसने पहले की गई मांगों का निर्धारण कर लिया है और उन पर विचार कर रही है। इस समस्या का कानूनी समाधान निकालना आवश्यक है। केवल आश्वासन देने से काम नहीं चलेगा। हमें ऐसा समाधान चाहिए जो संविधान के अनुकूल हो और दोनों समुदायों- मराठा और ओबीसी के बीच टकराव न पैदा करे। फडणवीस ने कहा कि मराठा समुदाय को न्याय केवल उनकी गठबंधन सरकार के दौरान ही मिला है। “हमने आरक्षण दिया, सारथी की स्थापना की, अन्नासाहेब पाटिल आर्थिक विकास निगम के माध्यम से उद्यमियों को प्रोत्साहन दिया, पंजाबराव देशमुख निर्वाह भत्ता लागू किया और छात्रों को विदेश भेजने की योजना शुरू की। हमने शिक्षा और रोज़गार के लिए कई योजनाएँ बनाई हैं। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर ओबीसी और मराठा समुदाय के बीच विवाद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। आज सुबह कुछ लोगों के बयान देखे। मुझे समझ आ गया कि उनकी क्या कोशिश है। लेकिन मैं उन्हें चेतावनी देता हूँ कि इस आंदोलन को तूल न दें, वरना आपका मुँह जल जाएगा।